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झारखंड: IAS विनय चौबे पर सरकार का बड़ा फैसला, निलंबन खत्म; कार्मिक विभाग में दी उपस्थिति
Thu, 10 Sep 2026 07:23 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला रांची
Published by: तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
Updated Thu, 10 Sep 2026 07:23 PM IST
सार
झारखंड सरकार ने 1999 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय चौबे का निलंबन खत्म कर दिया है। न्यायालय से सशर्त जमानत मिलने के बाद चौबे ने कार्मिक विभाग में आधिकारिक रूप से जॉइनिंग दे दी है। वह 14 महीने से अधिक समय जेल में रहे।
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IAS विनय चौबे। फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
झारखंड सरकार ने 1999 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय चौबे का निलंबन खत्म कर दिया है। न्यायालय से सशर्त जमानत मिलने और कानूनी प्रक्रियाओं से राहत मिलने के बाद सरकार ने यह निर्णय लिया। निलंबन मुक्त होते ही चौबे ने कार्मिकविभाग में आधिकारिक रूप से जॉइनिंग दे दी।
कार्मिक विभाग ने भेजी संचिका
शराब घोटाला और हजारीबाग वन भूमि घोटाला मामले में जमानत मिलने के बाद पूर्व में निलंबित अधिकारी चौबे ने बृहस्पतिवार को कार्मिक विभाग में उपस्थिति दर्ज कराई। उच्चतम न्यायालय की न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने पिछले महीने ही उन्हें सशर्त जमानत दी थी।
अदालत के निर्देशानुसार वह बिना अनुमति देश नहीं छोड़ेंगे और जांच प्रक्रिया में पूरा सहयोग प्रदान करेंगे। साथ ही, गवाहों को प्रभावित करने का कोई प्रयास नहीं करेंगे। इस प्रकरण के दौरान चौबे ने 14 महीने से अधिक समय जेल में बिताया।
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जल्द मिल सकती है जिम्मेदारी
प्रशासनिक गलियारों में अब चौबे की नई पदस्थापना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री से आवश्यक निर्देश मिलने के बाद उन्हें शीघ्र ही किसी विभाग में पदस्थापित किया जाएगा। माना जा रहा है कि राज्य सरकार अनुभवी अधिकारी होने के नाते उन्हें जल्द ही किसी महत्वपूर्ण और बड़े महकमे की कमान सौंप सकती है। इससे पहले वह मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने पूर्व में जल संसाधन, योजना-सह-वित्त तथा आबकारी जैसे प्रमुख विभागों की जिम्मेदारी भी संभाली है।
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कार्मिक विभाग ने भेजी संचिका
शराब घोटाला और हजारीबाग वन भूमि घोटाला मामले में जमानत मिलने के बाद पूर्व में निलंबित अधिकारी चौबे ने बृहस्पतिवार को कार्मिक विभाग में उपस्थिति दर्ज कराई। उच्चतम न्यायालय की न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने पिछले महीने ही उन्हें सशर्त जमानत दी थी।
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अदालत के निर्देशानुसार वह बिना अनुमति देश नहीं छोड़ेंगे और जांच प्रक्रिया में पूरा सहयोग प्रदान करेंगे। साथ ही, गवाहों को प्रभावित करने का कोई प्रयास नहीं करेंगे। इस प्रकरण के दौरान चौबे ने 14 महीने से अधिक समय जेल में बिताया।
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जल्द मिल सकती है जिम्मेदारी
प्रशासनिक गलियारों में अब चौबे की नई पदस्थापना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री से आवश्यक निर्देश मिलने के बाद उन्हें शीघ्र ही किसी विभाग में पदस्थापित किया जाएगा। माना जा रहा है कि राज्य सरकार अनुभवी अधिकारी होने के नाते उन्हें जल्द ही किसी महत्वपूर्ण और बड़े महकमे की कमान सौंप सकती है। इससे पहले वह मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने पूर्व में जल संसाधन, योजना-सह-वित्त तथा आबकारी जैसे प्रमुख विभागों की जिम्मेदारी भी संभाली है।