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आपके बैंक अकाउंट पर है अपराधियों की नज़र, बरतें ये सावधानी

Wed, 14 May 2014 01:02 PM IST
Updated Wed, 14 May 2014 01:02 PM IST
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Two held for ATM card fraud

झारखंड के जमशेदपुर में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो लोगों को एटीएम कार्ड की जानकारी हासिल करके चूना लगाता था।

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पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है और ये जानने की कोशिशें जारी हैं कि इस गिरोह में और कौन कौन शामिल था।

आरोपी राकेश यादव औऱ संजीव सिकदर लोगों को बैंक अधिकारी बनकर फोन करते थे और उनके एटीएम की डिटेल हासिल करते थे। दोनों आरोपी एक बीपीओ में काम करते हैं।

क्लोन कार्ड से खाली कर देते थे खाते

Two held for ATM card fraud

एसएसपी अमोल वी होमकर ने बताया कि,"ये दोनों लोगों को फोन करते थे और उनके बैंक खातों की जानकारी लेते थे।" उन्होंने बताया कि,"ये लोग उनको धमकी देते थे कि यदि आपने जानकारी नहीं दी तो आपके खाते को बंद कर दिया जाएगा।"

जानकारी लेने के बाद ये लोग उस जानकारी को अपने सहायकों को दे देते थे। और फिर क्लोन कार्ड की मदद से संबंधित खाते को खाली कर दिया जाता था।

जिला अदालत में पेश करने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। एसएसपी ने कहा कि,"बाकी जानकारी हासिल करने और आरोपियों के सहयोगियों को पकड़ने के लिए प्रयास किया जा रहा है।"

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कैसे काम करते हैं ये गिरोह

Two held for ATM card fraud

इस तरह के गिरोह लोगों के नंबर जुटाते हैं और फिर फोन करते हैं। फोन पर उनसे उनके एटीएम कार्ड का नंबर मांगा जाता है। अगर उनको शिकार फंसता नज़र आता है तो फिर पिन नंबर और सीवीवी नंबर भी लिया जाता है।

जो लोग नंबर बताने से इंकार करते हैं उनको अकाउंट बंद करने की धमकी दी जाती है। कई मर्तबा कहा जाता है कि आपके कार्ड की वैलेडिटी खत्म हो रही है और इसको बढ़वाने के लिए आपको जानकारी देनी होगी।

इस जानकारी के माध्यम से ये लोग क्लोन कार्ड बनाते हैं, या फिर ऑनलाइन शॉपिंग भी करते हैं। ऐसे में इस तरह की वारदातों से बचने के लिए सावधानियां बरतने की जरूरत है।

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जानिए क्या सावधानियां बरतें

Two held for ATM card fraud

1. एटीएम कार्ड की वैलेडिटी खत्म होने पर बैंक द्वारा नया कार्ड जारी किया जाता है ना कि वैलेडिटी बढ़ाई जाती है।
2. ऐसा कोई फोन आने पर उसे एटीएम कार्ड से जुड़ी कोई भी जानकारी देने से इंकार कर दें।
3. सीवीवी नंबर, एटीएम नंबर और इसका पिन कभी किसी को ना बताएं। पिन को थोड़े थोड़े अंतराल पर बदलते रहें।
4. नेट बैंकिग पासवर्ड को भी समय समय पर बदलते रहें। कस्टमर आईडी और पासवर्ड कभी किसी को ना बताएं।
5. इस तरह के फोन आने पर पुलिस को सूचना दें।

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