आपके बैंक अकाउंट पर है अपराधियों की नज़र, बरतें ये सावधानी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झारखंड के जमशेदपुर में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो लोगों को एटीएम कार्ड की जानकारी हासिल करके चूना लगाता था।
पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है और ये जानने की कोशिशें जारी हैं कि इस गिरोह में और कौन कौन शामिल था।
आरोपी राकेश यादव औऱ संजीव सिकदर लोगों को बैंक अधिकारी बनकर फोन करते थे और उनके एटीएम की डिटेल हासिल करते थे। दोनों आरोपी एक बीपीओ में काम करते हैं।
क्लोन कार्ड से खाली कर देते थे खाते
एसएसपी अमोल वी होमकर ने बताया कि,"ये दोनों लोगों को फोन करते थे और उनके बैंक खातों की जानकारी लेते थे।" उन्होंने बताया कि,"ये लोग उनको धमकी देते थे कि यदि आपने जानकारी नहीं दी तो आपके खाते को बंद कर दिया जाएगा।"
जानकारी लेने के बाद ये लोग उस जानकारी को अपने सहायकों को दे देते थे। और फिर क्लोन कार्ड की मदद से संबंधित खाते को खाली कर दिया जाता था।
जिला अदालत में पेश करने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। एसएसपी ने कहा कि,"बाकी जानकारी हासिल करने और आरोपियों के सहयोगियों को पकड़ने के लिए प्रयास किया जा रहा है।"
कैसे काम करते हैं ये गिरोह
इस तरह के गिरोह लोगों के नंबर जुटाते हैं और फिर फोन करते हैं। फोन पर उनसे उनके एटीएम कार्ड का नंबर मांगा जाता है। अगर उनको शिकार फंसता नज़र आता है तो फिर पिन नंबर और सीवीवी नंबर भी लिया जाता है।
जो लोग नंबर बताने से इंकार करते हैं उनको अकाउंट बंद करने की धमकी दी जाती है। कई मर्तबा कहा जाता है कि आपके कार्ड की वैलेडिटी खत्म हो रही है और इसको बढ़वाने के लिए आपको जानकारी देनी होगी।
इस जानकारी के माध्यम से ये लोग क्लोन कार्ड बनाते हैं, या फिर ऑनलाइन शॉपिंग भी करते हैं। ऐसे में इस तरह की वारदातों से बचने के लिए सावधानियां बरतने की जरूरत है।
जानिए क्या सावधानियां बरतें
1. एटीएम कार्ड की वैलेडिटी खत्म होने पर बैंक द्वारा नया कार्ड जारी किया जाता है ना कि वैलेडिटी बढ़ाई जाती है।
2. ऐसा कोई फोन आने पर उसे एटीएम कार्ड से जुड़ी कोई भी जानकारी देने से इंकार कर दें।
3. सीवीवी नंबर, एटीएम नंबर और इसका पिन कभी किसी को ना बताएं। पिन को थोड़े थोड़े अंतराल पर बदलते रहें।
4. नेट बैंकिग पासवर्ड को भी समय समय पर बदलते रहें। कस्टमर आईडी और पासवर्ड कभी किसी को ना बताएं।
5. इस तरह के फोन आने पर पुलिस को सूचना दें।