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रांची में पीएम मोदी, बोले- आखिरी पंक्ति में खड़े गरीब को मिलेगी बेहतर इलाज की सुविधा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Updated Sun, 23 Sep 2018 02:54 AM IST
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नरेंद्र मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड की राजधानी रांची से केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत-राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत देश के 10.74 करोड़ परिवारों को 5 लाख रुपये तक की मुफ्त स्वास्थ्य बीमा सुविधा मिलेगी।
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इस योजना का शुभारंभ करने से पहले पीएम ने अपना काफिला रोककर आंगनबाड़ी और सहिया बहनों से मुलाकात की। उन्होंने आंगनबाड़ी कर्मचारियों से पोषण माह के बारे में जानकारी ली। इसके अलावा पीएम ने सहिया बहनों के प्रयासों की तारीफ करते हुए उनसे संवाद किया।
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पीएम ने रांची के कोडरमा और चाईबासा के मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखी। उन्होंने प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के लाभार्थियों को ई-हेल्थ कार्ड वितरित किए। राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति को, गरीब से भी गरीब को इलाज मिले, स्वास्थ्य की बेहतर सुविधा मिले, आज इस विजन के साथ बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। आयुष्मान भारत के संकल्प के साथ, प्रधान मंत्री जन आरोग्य योजना आज से लागू हो रही है।
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पीएम मोदी ने कहा, 'देश के 50 करोड़ से ज्यादा भाई-बहनों को 5 लाख रुपए तक का हेल्थ-एश्योरेंस देने वाली ये दुनिया की सबसे बड़ी योजना है। पूरी दुनिया में सरकारी पैसे से इतनी बड़ी योजना किसी और देश में नहीं चल रही है। इस योजना के लाभार्थियों की संख्या पूरे यूरोपियन यूनियन की कुल आबादी के बराबर है। अगर आप अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको, इन तीनों देशों की आबादी को भी जोड़ दें तो उनकी कुल संख्या इस योजना के लाभार्थियों की संख्या के करीब ही होगी। मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले दिनों में, मेडिकल क्षेत्र में काम करने वाले लोग इस स्वास्थ्य बीमा के आधार पर नई योजनाएं लेकर आएंगे।'
पीएम ने उम्मीद जताई कि आयुष्मान भारत योजना भारत को भविष्य में मेडिकल हब में बदल देगी। उन्होंने कहा कि देशभर के 450 जिलों में यह योजना लागू होगी। उन्होंने बताया कि इस योजना से दो महापुरुषों का नाता जुड़ा है। अप्रैल में जब योजना के पहले चरण शुरु हुआ था तो उस दिन बाबा साहेब अंबेडकर का जन्मदिन था। अब इसी कड़ी में, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, दीन दयाल उपाध्याय जी के जन्मदिवस से दो दिन पहले शुरु हुई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं चाहता हूं कि मेरे देश के नागरिक को अस्पताल जाने की जरुरत ना पड़े लेकिन यदि आप जाते हैं तो आयुष्मान भारत आपकी सेवा के लिए तैयार है। जब से देश आजाद हुआ 'गरीबी हटाओ' के नारे हम सुनते आये। गरीबों के नाम पर राजनीति करने के बजाय गरीबों के सशक्तिकरण पर बल देते तो देश आज हिंदुस्तान देख रहा है वैसा नहीं होता।
नरेंद्र मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि संप्रदाय, जाति, ऊंच-नीच के आधार पर आयुष्मान भारत योजना नहीं होगी। किसी भी जाति से हो, किसी भी बिरादरी से हो, किसी भी संप्रदाय से हो कोई भेदभाव नहीं। सभी को आयुष्मान भारत का लाभ मिलेगा यही है 'सबका साथ, सबका विकास'। उन्होंने कहा कि यह योजना कितनी व्यापक है इसका अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि कैंसर, दिल की बीमारी, किडनी और लीवर की बीमारी, डायबटीज समेत 1300 से अधिक बीमारियों का इलाज शामिल है। इन गंभीर बीमारियों का इलाज सरकारी ही नहीं बल्कि अनेक प्राइवेट अस्पतालों में भी किया जा सकेगा।
पीएम ने आगे कहा कि 5 लाख तक का जो खर्च है उसमें अस्पताल में भर्ती होने के अलावा जरुरी जांच, दवाई, भर्ती से पहले का खर्च और इलाज पूरा होने तक का खर्च भी शामिल है। अगर किसी को पहले से कोई बीमारी है तो उस बीमारी का भी खर्च इस योजना द्वारा उठाया जाएगा। यह मिशन सही मायने में एक भारत, सभी को एक तरह के उपचार की भावना को मजबूत करता है। जो राज्य इस योजना से जुड़े हैं, उनमें रहने वाले व्यक्ति किसी भी राज्य में जाएं, उन्हें इस योजना का लाभ मिलता रहेगा। अभी तक देशभर के 13,000 से अधिक अस्पताल जुड़ चुके हैं।
आज पीएम ने 10 वेलनेस-सेंटर्स का भी शुभारंभ किया है। इसपर उन्होंने कहा कि अब झारखंड में करीब 40 ऐसे सेंटर्स काम कर रहे हैं और देशभर में इनकी संख्या 2,300 तक पहुंच चुकी है। अगले 4 वर्षों में देशभर में ऐसे डेढ़ लाख सेंटर्स तैयार करने का लक्ष्य है। अपने भाषण में एशियन गेम्स का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स 2018 में गोल्ड मेडल जीतने वाले ज्यादातर खिलाड़ी गरीब परिवार और गांव से हैं लेकिन उन्होंने देश को प्रतिष्ठा दिलाई है।
गौरतलब है कि योजना की शुरुआत होने के बाद 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अगले दो महीने में इसे लागू करने के लिए केंद्र के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। वहीं, तेलंगाना, ओडिशा, दिल्ली, केरल और पंजाब में यह योजना लागू नहीं होगी। झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार सभी लोगों को स्वास्थ्य बीमा योजना के दायरे में लाने का प्रयास कर रही है। आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत के बाद झारखंड के 68 लाख परिवारों में से 57 लाख को इसका लाभ मिलेगा, जो कुल आबादी का 85 फीसदी है। सरकार बाकी बचे 15 फीसदी परिवारों से प्रीमियम लेकर उन्हें भी योजना में शामिल करने की कोशिश कर रही है।
पीएम ने आगे कहा कि 5 लाख तक का जो खर्च है उसमें अस्पताल में भर्ती होने के अलावा जरुरी जांच, दवाई, भर्ती से पहले का खर्च और इलाज पूरा होने तक का खर्च भी शामिल है। अगर किसी को पहले से कोई बीमारी है तो उस बीमारी का भी खर्च इस योजना द्वारा उठाया जाएगा। यह मिशन सही मायने में एक भारत, सभी को एक तरह के उपचार की भावना को मजबूत करता है। जो राज्य इस योजना से जुड़े हैं, उनमें रहने वाले व्यक्ति किसी भी राज्य में जाएं, उन्हें इस योजना का लाभ मिलता रहेगा। अभी तक देशभर के 13,000 से अधिक अस्पताल जुड़ चुके हैं।
आज पीएम ने 10 वेलनेस-सेंटर्स का भी शुभारंभ किया है। इसपर उन्होंने कहा कि अब झारखंड में करीब 40 ऐसे सेंटर्स काम कर रहे हैं और देशभर में इनकी संख्या 2,300 तक पहुंच चुकी है। अगले 4 वर्षों में देशभर में ऐसे डेढ़ लाख सेंटर्स तैयार करने का लक्ष्य है। अपने भाषण में एशियन गेम्स का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स 2018 में गोल्ड मेडल जीतने वाले ज्यादातर खिलाड़ी गरीब परिवार और गांव से हैं लेकिन उन्होंने देश को प्रतिष्ठा दिलाई है।
गौरतलब है कि योजना की शुरुआत होने के बाद 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अगले दो महीने में इसे लागू करने के लिए केंद्र के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। वहीं, तेलंगाना, ओडिशा, दिल्ली, केरल और पंजाब में यह योजना लागू नहीं होगी। झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार सभी लोगों को स्वास्थ्य बीमा योजना के दायरे में लाने का प्रयास कर रही है। आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत के बाद झारखंड के 68 लाख परिवारों में से 57 लाख को इसका लाभ मिलेगा, जो कुल आबादी का 85 फीसदी है। सरकार बाकी बचे 15 फीसदी परिवारों से प्रीमियम लेकर उन्हें भी योजना में शामिल करने की कोशिश कर रही है।