झारखंडः पशु चोरी के शक में तीन युवकों को पीट-पीटकर मार डाला
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कुछ दिन पहले ही झारखंड में दो पशु व्यापारियों की नृशंसपूर्वक हत्या कर उन्हें पेड़ से लटकाने की खबर ने देशभर को हिला दिया था, मामले में हिंदूवादी संगठनों पर हत्या का आरोप लगा था।
अभी इस घटना की तपिश ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि ऐसी ही एक घटना ने सबको चौंका दिया। जहां कुछ लोगों ने पशु चोरी के आरोप में तीन आदिवासी भाइयों को पीट पीटकर मार डाला। मामले में पुलिस ने रविवार को छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार मामला पश्चिम सिंहभूम जिले के उदाजो गांव का है। जेटिया ब्लॉक में स्थित उदाजो गांव में यह घटना बीते 24 मार्च को घटित हुई। पकड़े गए सभी आरोपी भी ग्रामीण क्षेत्रों के हैं। पुलिस ने बताया कि संतन लागुरी और सूरजा लागुरी के शव लंबे समय तक चली खोजबीन के बाद जंगल में दो किलोमीटर अंदर जाकर मिले।
पंचायत में दिया गया था हत्या का फरमान
वहीं उनके चचेरे भाई सुकरा कोड़ा का शव अभी तक नहीं मिल सका है। जटिया पुलिस थाने के इंचार्ज सहदेव टोप्पो ने बताया कि हमने दाकुआ और बुधराम लागुरी सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुंडा और सुनील लागुरी अभी फरार हैं। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
बीते शनिवार को संतन और सूरजा के भाई ब्रजमोहन लागुरी ने जटिया पुलिस थाने में 22 लोगों के खिलाफ दोनों की हत्या करने की शिकायत दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि गांव के मुखिया सुनील लागुरी, दाकुआ और बुधराम लागुरी घटना के मुख्य गुनहगार हैं।
पुलिस के अनुसार भीड़ ने सुकरा को बीती 23 मार्च को तब तक पीटा जब तक उसकी मौत नहीं हो गई इसके बाद उसके शव को छुपा दिया। जबकि संतन और सूरजा की हत्या अगले दिन 24 मार्च को की गई। पुलिस ने बताया कि स्वयं घोषित ग्राम पंचायत को पशुपालक की ओर से शिकायत मिली थी कि उसकी गाय को लागुरी भाइयों ने चुरा लिया है। जिसके बाद पंचायत ने तीनों की हत्या का फरमान सुना दिया।