झारखंड में गर्मी: तीन शहरों में मार्च में हुई दशक की सबसे कम बारिश, अगले पांच दिनों तक नहीं मिलेगी उमस से राहत
झारखंड़ के तीन शहरों रांची, जमशेदपुर और डाल्टनगंज में हुई बारिश के विश्लेषण से पता चलता है कि इन जगहों पर इस साल मार्च में सबसे कम बारिश के दिन दर्ज किए गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार रांची में इस साल मार्च में केवल दो दिन बारिश हुई, जबकि जमशेदपुर और डाल्टनगंज में पूरे महीने में सिर्फ एक-एक बारिश हुई।
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इस बार मार्च में ही सूर्यदेव के तेवर तल्ख हो गए हैं। गर्मी ने मार्च में 44 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। रांची के मौसम केंद्र के वैज्ञानिकों ने बताया है कि झारखंड के तीन शहरों में मार्च में दशक की सबसे कम बारिश दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में झारखंड के तीन शहरों में मार्च में बारिश के दिनों की संख्या में गिरावट आई है। इसके लिए ग्लोबल वार्मिंग या मौसम के मिजाज में बदलाव को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। मौसम विभाग ने शनिवार को कहा कि कम से कम अगले पांच दिनों तक उमस भरे मौसम से शायद ही कोई राहत मिले।
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि तीन शहरों रांची, जमशेदपुर और डाल्टनगंज में हुई बारिश के विश्लेषण से पता चलता है कि इन जगहों पर इस साल मार्च में सबसे कम बारिश के दिन दर्ज किए गए हैं। मौसम विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, रांची में इस साल मार्च में केवल दो दिन बारिश हुई, जबकि जमशेदपुर और डाल्टनगंज में पूरे महीने में सिर्फ एक-एक बारिश हुई। ये 2013 के बाद से सबसे कम है।
रांची के मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा प्रदान किे गए आंकड़ों के अनुसार, रांची में मार्च 2021 में पांच बारिश के दिन, 2020 मार्च में 13 दिन, 2019 मार्च में सात, 2018 मार्च में तीन, 2017 मार्च में पांच, 2016 मार्च में 11, 2015 मार्च में छह, 2014 मार्च में पांच और 2013 मार्च में सात दिन दर्ज किए गए थे। इसी तरह, जमशेदपुर में मार्च 2021 में चार, 2020 मार्च में नौ, 2019 मार्च में पांच, 2018 मार्च में चार, 2017 मार्च में पांच, 2016 मार्च में चार, 2015 मार्च में छह, 2014 मार्च में सात और 2013 मार्च में पांच बारिश के दिन दर्ज किए गए। डाल्टनगंज में भी इसी तरह का रुझान दिखा।
झारखंड के रांची, जमशेदपुर और डाल्टनगंज में तीन आईएमडी वेधशालाएं हैं। रांची के मौसम केंद्र के वैज्ञानिक एस सी मंडल ने कहा कि रांची में वेधशाला आम तौर पर झारखंड के मध्य भाग को कवर करती है, जबकि जमशेदपुर और डाल्टनगंज वेधशाला क्रमशः राज्य के दक्षिणी और उत्तर-पश्चिम भागों को कवर करती है। एस सी मंडल ने कहा कि बोकारो और चाईबासा में भी हमारे पास अस्थायी वेधशालाएं हैं।
मंडल ने बताया कि इस साल मार्च में कम बारिश के दिनों के पीछे बंगाल की खाड़ी से नगण्य नमी का आना प्रमुख कारण रहा है। महीने में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का न होना और किसी बड़े सिस्टम का न होना भी इसके कारण हैं। उन्होंने कहा कि अधिकांश महीने निचले स्तर पर पश्चिमी या उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाओं का प्रवाह देखा गया और शायद ही कभी पूर्वी हवा का प्रवाह हुआ हो। मंडल ने कहा कि अगर हम मूल कारण पर जाएं, तो मार्च में बारिश के दिनों की संख्या कम होने के पीछे ग्लोबल वार्मिंग और मौसम के मिजाज में बदलाव से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस साल मार्च में भी राज्य में लू की स्थिति बनी रही। डाल्टनगंज में 31 मार्च को दशक का उच्चतम तापमान 42.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
इस बीच, मौसम विभाग ने शनिवार को कहा कि कम से कम अगले पांच दिनों तक उमस भरे मौसम से शायद ही कोई राहत मिले। मौसम विभाग ने कहा कि अधिकतम तापमान में पांच दिनों तक किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। 4 अप्रैल तक गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, गिरिडीह और सिमडेगा में लू चलने की संभावना है।
झारखंड के डाल्टनगंज में तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटों में राज्य में सबसे अधिक था। इस दौरान रांची में 38 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि जमशेदपुर में 40 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।