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झारखंड: टीएमसी सांसद नदीमुल हक के ठिकानों पर ईडी का बड़ा एक्शन, रांची-दिल्ली-कोलकाता में सात जगह छापेमारी
Mon, 07 Sep 2026 05:41 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Mon, 07 Sep 2026 05:41 PM IST
सार
प्रवर्तन निदेशालय ने तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद मोहम्मद नदीमुल हक और उनके उर्दू दैनिक से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में रांची, दिल्ली और कोलकाता में सात ठिकानों पर छापेमारी की। एजेंसी वित्तीय लेनदेन, फंडिंग, बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
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राज्यसभा सांसद मोहम्मद नदीमुल हक ईडी की कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय ने तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद मोहम्मद नदीमुल हक और उनके उर्दू दैनिक समाचार पत्र से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। कोलकाता स्थित जांच एजेंसी की टीम ने इस मामले में रांची, दिल्ली और कोलकाता में कुल सात ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। रांची के कोकर क्षेत्र में समाचार पत्र के कार्यालय में केंद्रीय जांच एजेंसी की टीम पहुंची और वहां वित्तीय लेनदेन, बैंकिंग रिकॉर्ड तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की पड़ताल शुरू की।
तृणमूल कांग्रेस के सांसद मोहम्मद नदीमुल हक 'अखबार-ए-मशरिक प्राइवेट लिमिटेड' के निदेशक हैं। पूरी कार्रवाई पश्चिम बंगाल के बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर ईडी की ओर से दर्ज ईसीआईआर के तहत की जा रही है। जांच एजेंसी समाचार पत्र की गतिविधियों और उससे जुड़ी कथित वित्तीय गड़बड़ियों की गहराई से जांच कर रही है।
वित्तीय रिकॉर्ड से फंडिंग तक, हर कड़ी खंगाल रही ईडी
केंद्रीय जांच एजेंसी की जांच का दायरा केवल समाचार पत्र के संचालन तक ही सीमित नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार, मामले में कथित रूप से ऐसी सामग्री के प्रकाशन और प्रसार के आरोप भी शामिल हैं, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी। इसके अलावा, जांच टीम संदिग्ध स्रोतों से हुई फंडिंग, कथित अवैध लेनदेन और बिना हिसाब-किताब के किए गए नकद लेनदेन के आरोपों की भी गहन पड़ताल कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि समाचार पत्र तथा उससे जुड़े व्यक्तियों या संस्थाओं के बैंक खातों में राशि कहां से आई और उसका उपयोग किन-किन गतिविधियों में किया गया।
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यह भी पढ़ें: सुदिव्य कुमार को अंतिम विदाई: भावुक हुए हेमंत सोरेन; बोले- झारखंड ने खोया कर्मठ जनप्रतिनिधि और युवा नेतृत्व
तीन शहर, सात ठिकाने और दस्तावेजों की गहन जांच
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों द्वारा वित्तीय दस्तावेज, बैंक खातों के रिकॉर्ड और डिजिटल सामग्री की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच का मुख्य मकसद कथित लेनदेन की पूरी वित्तीय कड़ी को समझना और किसी संभावित अपराध से जुड़े धन के स्रोत का पता लगाना है। सोमवार को की गई इस कार्रवाई के तहत रांची, दिल्ली और कोलकाता के सात परिसरों को जांच के दायरे में लिया गया। तलाशी के दौरान जांच अधिकारियों द्वारा विभिन्न दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। कार्रवाई पर राज्यसभा सांसद मोहम्मद नदीमुल हक या तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोई तत्काल सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
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तृणमूल कांग्रेस के सांसद मोहम्मद नदीमुल हक 'अखबार-ए-मशरिक प्राइवेट लिमिटेड' के निदेशक हैं। पूरी कार्रवाई पश्चिम बंगाल के बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर ईडी की ओर से दर्ज ईसीआईआर के तहत की जा रही है। जांच एजेंसी समाचार पत्र की गतिविधियों और उससे जुड़ी कथित वित्तीय गड़बड़ियों की गहराई से जांच कर रही है।
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वित्तीय रिकॉर्ड से फंडिंग तक, हर कड़ी खंगाल रही ईडी
केंद्रीय जांच एजेंसी की जांच का दायरा केवल समाचार पत्र के संचालन तक ही सीमित नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार, मामले में कथित रूप से ऐसी सामग्री के प्रकाशन और प्रसार के आरोप भी शामिल हैं, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी। इसके अलावा, जांच टीम संदिग्ध स्रोतों से हुई फंडिंग, कथित अवैध लेनदेन और बिना हिसाब-किताब के किए गए नकद लेनदेन के आरोपों की भी गहन पड़ताल कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि समाचार पत्र तथा उससे जुड़े व्यक्तियों या संस्थाओं के बैंक खातों में राशि कहां से आई और उसका उपयोग किन-किन गतिविधियों में किया गया।
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तीन शहर, सात ठिकाने और दस्तावेजों की गहन जांच
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों द्वारा वित्तीय दस्तावेज, बैंक खातों के रिकॉर्ड और डिजिटल सामग्री की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच का मुख्य मकसद कथित लेनदेन की पूरी वित्तीय कड़ी को समझना और किसी संभावित अपराध से जुड़े धन के स्रोत का पता लगाना है। सोमवार को की गई इस कार्रवाई के तहत रांची, दिल्ली और कोलकाता के सात परिसरों को जांच के दायरे में लिया गया। तलाशी के दौरान जांच अधिकारियों द्वारा विभिन्न दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। कार्रवाई पर राज्यसभा सांसद मोहम्मद नदीमुल हक या तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोई तत्काल सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।