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सुदिव्य सोनू की विरासत संभालेंगी श्वेता?: पहली बार झामुमो कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचीं, उपचुनाव की चर्चा तेज
Tue, 29 Sep 2026 09:39 AM IST
राँची ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Tue, 29 Sep 2026 09:39 AM IST
सार
दिवंगत मंत्री एवं गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू की पत्नी श्वेता शर्मा पहली बार झामुमो कार्यकर्ताओं की बैठक में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने संगठन और क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की और कार्यकर्ताओं से संवाद किया।
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दिवंगत मंत्री सुदिव्य सोनू की पत्नी श्वेता शर्मा झामुमो कार्यकर्ताओं के बीच
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
दिवंगत मंत्री एवं गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन के बाद उनकी पत्नी श्वेता शर्मा पहली बार झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के प्रमुख कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचीं। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठन और क्षेत्र से जुड़े विषयों पर चर्चा की। बैठक के दौरान माहौल कई बार भावुक हो गया। कार्यकर्ताओं ने दिवंगत सुदिव्य सोनू को याद करते हुए उनके साथ बिताए राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव साझा किए।
श्वेता शर्मा और कार्यकर्ताओं के बीच हुआ संवाद
श्वेता शर्मा और कार्यकर्ताओं के बीच भावनात्मक संवाद भी हुआ। कार्यकर्ताओं ने सुदिव्य सोनू के साथ अपने जुड़ाव और उनके द्वारा क्षेत्र में किए गए कार्यों को याद किया। उनके निधन के बाद श्वेता शर्मा का इस तरह कार्यकर्ताओं के बीच सक्रिय रूप से सामने आना राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुदिव्य सोनू के निधन के बाद गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र में उनकी राजनीतिक विरासत और संभावित उत्तराधिकारी को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इसी क्रम में श्वेता शर्मा के राजनीतिक रूप से सक्रिय होने की संभावनाओं पर भी चर्चा हो रही है। वहीं, उन्हें हेमंत सोरेन मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की अटकलें भी सामने आई हैं। हालांकि, सरकार या झामुमो की ओर से इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
काफी लोकप्रिय थे सुदिव्य सोनू- राज्यसभा सांसद सरफराज अहमद
बैठक में शामिल राज्यसभा सांसद सरफराज अहमद ने कहा कि गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र की जनता के बीच दिवंगत सुदिव्य सोनू काफी लोकप्रिय थे। उनके असामयिक निधन के बाद उनके कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए क्षेत्र की जनता उनकी धर्मपत्नी श्वेता शर्मा को नेता के रूप में देख रही है। उन्होंने कहा कि श्वेता शर्मा पार्टी संगठन के कार्यों से जुड़कर काम करेंगी।
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ये भी पढ़ें- झारखंड में एसआईआर के बाद पहला उपचुनाव: गिरिडीह में कितना बदलेगा चुनावी गणित? सुदिव्य सोनू के निधन से सीट खाली
श्वेता शर्मा की कार्यकर्ताओं के साथ बैठक ऐसे समय हुई है, जब गिरिडीह विधानसभा सीट और झामुमो की आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर चर्चाएं जारी हैं। हालांकि, उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर अंतिम निर्णय अभी सामने नहीं आया है। हालिया रिपोर्टों में उन्हें गिरिडीह उपचुनाव के लिए झामुमो की संभावित दावेदार के रूप में भी बताया गया है, लेकिन पार्टी की ओर से औपचारिक उम्मीदवार की घोषणा का उल्लेख नहीं है।
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श्वेता शर्मा और कार्यकर्ताओं के बीच हुआ संवाद
श्वेता शर्मा और कार्यकर्ताओं के बीच भावनात्मक संवाद भी हुआ। कार्यकर्ताओं ने सुदिव्य सोनू के साथ अपने जुड़ाव और उनके द्वारा क्षेत्र में किए गए कार्यों को याद किया। उनके निधन के बाद श्वेता शर्मा का इस तरह कार्यकर्ताओं के बीच सक्रिय रूप से सामने आना राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुदिव्य सोनू के निधन के बाद गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र में उनकी राजनीतिक विरासत और संभावित उत्तराधिकारी को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इसी क्रम में श्वेता शर्मा के राजनीतिक रूप से सक्रिय होने की संभावनाओं पर भी चर्चा हो रही है। वहीं, उन्हें हेमंत सोरेन मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की अटकलें भी सामने आई हैं। हालांकि, सरकार या झामुमो की ओर से इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
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काफी लोकप्रिय थे सुदिव्य सोनू- राज्यसभा सांसद सरफराज अहमद
बैठक में शामिल राज्यसभा सांसद सरफराज अहमद ने कहा कि गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र की जनता के बीच दिवंगत सुदिव्य सोनू काफी लोकप्रिय थे। उनके असामयिक निधन के बाद उनके कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए क्षेत्र की जनता उनकी धर्मपत्नी श्वेता शर्मा को नेता के रूप में देख रही है। उन्होंने कहा कि श्वेता शर्मा पार्टी संगठन के कार्यों से जुड़कर काम करेंगी।
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श्वेता शर्मा की कार्यकर्ताओं के साथ बैठक ऐसे समय हुई है, जब गिरिडीह विधानसभा सीट और झामुमो की आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर चर्चाएं जारी हैं। हालांकि, उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर अंतिम निर्णय अभी सामने नहीं आया है। हालिया रिपोर्टों में उन्हें गिरिडीह उपचुनाव के लिए झामुमो की संभावित दावेदार के रूप में भी बताया गया है, लेकिन पार्टी की ओर से औपचारिक उम्मीदवार की घोषणा का उल्लेख नहीं है।