झारखंड की बेटी ने जीता गोल्ड, खूंटी में जश्न; निक्की प्रधान की जीत पर परिवार हुआ गदगद
एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी टीम के स्वर्ण पदक जीतने पर खूंटी की बेटी और टीम की खिलाड़ी निक्की प्रधान के घर जश्न का माहौल रहा। परिवार ने फुलझड़ियां जलाकर और पटाखे फोड़कर जीत की खुशी मनाई। निक्की के माता-पिता और बहनों ने बेटी की उपलब्धि पर गर्व जताया।
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एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी टीम के स्वर्ण पदक जीतते ही खूंटी की बेटी और भारतीय टीम की खिलाड़ी निक्की प्रधान के घर में खुशी का ठिकाना नहीं रहा। टीम की ऐतिहासिक जीत के साथ ही निक्की के घर के बाहर जश्न शुरू हो गया। परिवार के सदस्यों ने एक-दूसरे को बधाई दी, फुलझड़ियां जलाईं और पटाखे फोड़कर जीत का जश्न मनाया। गांव हेसेल में भले ही उस समय कोई बड़ा सामूहिक आयोजन नहीं हुआ, लेकिन निक्की के घर के बाहर का माहौल पूरी तरह उत्सव में बदल गया।
निक्की के पिता और झारखंड पुलिस से सेवानिवृत्त सोमा प्रधान ने हाल ही में घर के सामने दुकान शुरू की है। इसी दुकान के सामने उनकी पत्नी जितन देवी, बेटी सरीना प्रधान और गांव के सुजय कुमार मांझी समेत अन्य लोगों ने भारतीय टीम की जीत की खुशी साझा की। छोटी बहन सरीना ने हाथ में फुलझड़ी लेकर जश्न मनाया। इसके बाद पटाखे भी फोड़े गए। घर में मिठाई उपलब्ध नहीं थी, तो सोमा प्रधान ने अपनी दुकान से लस्सी निकालकर परिवार और आसपास मौजूद लोगों को पिलाई।
टीवी का रिचार्ज खत्म, छत पर चढ़कर मोबाइल से देखा मुकाबला
निक्की के परिवार के लिए फाइनल मुकाबला देखना भी किसी रोमांचक अनुभव से कम नहीं था। घर के टीवी का रिचार्ज खत्म हो गया था। आमतौर पर टीवी रिचार्ज कराने वाली निक्की की बड़ी बहन शशि प्रधान से ऐन वक्त पर संपर्क नहीं हो पा रहा था। ऊपर से मोबाइल नेटवर्क भी परेशान कर रहा था। ऐसे में परिवार के सदस्यों ने छत पर चढ़कर मोबाइल पर लाइव मैच देखना शुरू किया।
मैच के पहले क्वार्टर में ही भारतीय टीम ने गोल कर बढ़त बना ली। इसी बीच शशि प्रधान का फोन आया और उन्होंने टीवी का रिचार्ज करा दिया। इसके बाद परिवार ने मुकाबले का बाकी हिस्सा टीवी पर देखा। जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, परिवार की धड़कनें भी बढ़ती गईं। भारतीय टीम ने अपनी बढ़त कायम रखी और अंततः स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
मां बोलीं- आखिरी सीटी तक बना रहा रोमांच
निक्की की मां जितन देवी ने कहा कि मुकाबला काफी टक्कर वाला था। बीच-बीच में उन्हें जीत को लेकर चिंता हो रही थी। लेकिन भारतीय टीम ने जिस तरह एक गोल की बढ़त को अंत तक बनाए रखा, उससे परिवार की खुशी कई गुना बढ़ गई। जीत की पुष्टि होते ही घर में तालियां गूंजने लगीं और जश्न शुरू हो गया।
पिता बोले- जिउतिया की खुशी हुई दोगुनी
निक्की के पिता सोमा प्रधान ने कहा कि बेटी और भारतीय टीम की जीत ने जिउतिया पर्व की खुशी को दोगुना कर दिया है। उन्होंने बताया कि रविवार को बेटी की जीत की खुशी में परिवार की ओर से पार्टी भी की जाएगी। उन्होंने कहा, "अब भगवान से यही कामना है कि निक्की 2028 का ओलंपिक खेले और भारत को जीत दिलाए।"
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बहन सरीना ने कहा- डिफेंस ने संभाले रखा मोर्चा
निक्की की छोटी बहन सरीना प्रधान ने कहा कि भारतीय टीम के गोल करने के बाद मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया था। इसके बाद टीम ने डिफेंस में शानदार प्रदर्शन किया और विरोधी टीम को बराबरी का मौका नहीं दिया। उन्होंने कहा, "दीदी और पूरी टीम की जीत पर हमें बहुत गर्व है। ऐसा लग रहा है कि हर तरफ खुशी ही खुशी है।"
हेसेल में भले ही जीत के बाद कोई बड़ा सार्वजनिक जश्न नहीं हुआ, लेकिन निक्की प्रधान के घर के बाहर जलती फुलझड़ियां, पटाखों की गूंज और परिजनों के चेहरों पर खिली मुस्कान इस ऐतिहासिक जीत की खुशी को बयां कर रही थीं। गांव की बेटी की इस उपलब्धि ने परिवार के साथ पूरे खूंटी जिले को गौरवान्वित किया है।