झारखंड: फर्जी प्राथमिकी के विरोध में ग्रामीणों का हंगामा, एनएच-99 पर चार घंटे ठप रहा आवागमन
लातेहार में रेशमी मेटालिक कंपनी के खिलाफ हजारों ग्रामीणों ने एनएच-99 जाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्रामसभा की अनुमति के बिना ड्रोन सर्वे का विरोध करने पर फर्जी प्राथमिकी दर्ज कराई गई। प्रशासन की वार्ता विफल रही।
विस्तार
रेशमी मेटालिक कंपनी के खिलाफ शुक्रवार को हजारों ग्रामीणों ने चंदवा-बालूमाथ एनएच-99 पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन पर विरोध करने वालों के खिलाफ फर्जी प्राथमिकी दर्ज कराने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारी कंपनी प्रबंधन को मौके पर बुलाने और दर्ज प्राथमिकी वापस लेने की मांग कर रहे थे।
ग्रामीणों के सड़क पर डटे रहने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब चार घंटे तक आवागमन पूरी तरह ठप रहा। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बिना अनुमति ड्रोन सर्वे का विरोध
ग्रामीणों के अनुसार, रेशमी मेटालिक कंपनी गांव में ग्रामसभा की अनुमति के बिना ड्रोन से सर्वे करा रही थी। ग्रामीणों ने जब इसका विरोध किया, तो कंपनी प्रबंधन ने कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ग्रामसभा की सहमति के बिना ड्रोन उड़ाने का विरोध करने पर निर्दोष लोगों को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि गांव से जुड़े किसी भी काम के लिए ग्रामसभा की सहमति जरूरी है।
प्रदर्शन में पूर्व मुखिया विकास भगत, शंकर उरांव, रामचंद्र भगत और संजीव कुमार समेत कई ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों की मांग है कि कंपनी प्रबंधन मौके पर पहुंचकर अपना पक्ष रखे और उनके खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकी तत्काल वापस ले।
प्रशासनिक टीम की वार्ता विफल
एनएच-99 पर जाम की सूचना मिलते ही पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी मनोरंजन प्रसाद सिंह और सीआई गोविंदा कुमार गुप्ता के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने और मामले का समाधान निकालने का प्रयास किया।
हालांकि, ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। अधिकारियों के साथ वार्ता के बावजूद जाम समाप्त नहीं हो सका। खबर लिखे जाने तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन ठप था। प्रशासनिक टीम ग्रामीणों से बातचीत कर यातायात बहाल कराने में जुटी थी।