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Jharkhand: एक क्लिक पर पहुंचेगी एंबुलेंस! झारखंड में ओला-उबर मॉडल से बदलेगी स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर
Wed, 03 Jun 2026 01:10 PM IST
राँची ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jun 2026 01:10 PM IST
सार
झारखंड सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में ओला और उबर की तर्ज पर राज्यव्यापी एंबुलेंस नेटवर्क विकसित करने का निर्देश दिया है।
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जर्जर एम्बुलेंस
विस्तार
झारखंड सरकार राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक आधुनिक, प्रभावी और लोगों के लिए सुलभ बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। उन्होंने एंबुलेंस व्यवस्था को मजबूत करने, अस्पतालों की सुविधाओं को बेहतर बनाने और तकनीक आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इस दौरान सबसे बड़ी घोषणा ओला और उबर की तर्ज पर राज्यव्यापी एंबुलेंस नेटवर्क विकसित करने की योजना को लेकर की गई।
एंबुलेंस सेवाओं की खामियों पर सरकार गंभीर
राज्य में लंबे समय से एंबुलेंस सेवाओं की खराब स्थिति को लेकर शिकायतें मिल रही हैं। कई सरकारी एंबुलेंस खराब या निष्क्रिय पड़ी हैं, जिसके कारण मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचने में परेशानी होती है। मजबूरी में लोगों को निजी एंबुलेंस सेवाओं का सहारा लेना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए एंबुलेंस संचालन की निगरानी के लिए अत्याधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्देश दिया है।
ओला-उबर मॉडल पर तैयार होगी नई व्यवस्था
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर ओला-उबर मॉडल पर आधारित एंबुलेंस नेटवर्क की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत की जाए। इस व्यवस्था के तहत मरीजों को जरूरत पड़ने पर आसानी और तेजी से एंबुलेंस उपलब्ध कराई जा सकेगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अस्पतालों से जुड़ी सभी एंबुलेंस हर समय सक्रिय और कार्यशील रहनी चाहिए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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सभी नागरिकों का बनेगा डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल
बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी नागरिकों, खासकर बच्चों का डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार करने का निर्देश भी दिया। उनका कहना है कि यदि लोगों का स्वास्थ्य रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से उपलब्ध रहेगा तो बीमारियों की पहचान, इलाज और रोकथाम में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को इस दिशा में तेजी से काम करने और डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के निर्देश दिए।
एबीएचए कार्ड अभियान को मिलेगा विस्तार
मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (एबीएचए) कार्ड अभियान को और व्यापक बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस अभियान को स्कूलों, कॉलेजों, आंगनबाड़ी केंद्रों और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
अस्पतालों में बढ़ेंगी आधुनिक सुविधाएं
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने सरकारी अस्पतालों को चरणबद्ध तरीके से एयर-कूल बनाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही बर्न यूनिट, इमरजेंसी वार्ड और ऑपरेशन थिएटर जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं को आधुनिक बनाने पर भी जोर दिया गया।
उन्होंने अस्पताल परिसरों में स्वच्छता, रखरखाव और मरीजों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
तकनीक और जवाबदेही से बदलेगी स्वास्थ्य व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक से साफ संकेत मिला है कि झारखंड सरकार तकनीक, बेहतर प्रबंधन और जवाबदेही के जरिए राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक सुधार लाने की तैयारी कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि लोगों को समय पर और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों तथा आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस सेवा अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बने।
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एंबुलेंस सेवाओं की खामियों पर सरकार गंभीर
राज्य में लंबे समय से एंबुलेंस सेवाओं की खराब स्थिति को लेकर शिकायतें मिल रही हैं। कई सरकारी एंबुलेंस खराब या निष्क्रिय पड़ी हैं, जिसके कारण मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचने में परेशानी होती है। मजबूरी में लोगों को निजी एंबुलेंस सेवाओं का सहारा लेना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए एंबुलेंस संचालन की निगरानी के लिए अत्याधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्देश दिया है।
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ओला-उबर मॉडल पर तैयार होगी नई व्यवस्था
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर ओला-उबर मॉडल पर आधारित एंबुलेंस नेटवर्क की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत की जाए। इस व्यवस्था के तहत मरीजों को जरूरत पड़ने पर आसानी और तेजी से एंबुलेंस उपलब्ध कराई जा सकेगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अस्पतालों से जुड़ी सभी एंबुलेंस हर समय सक्रिय और कार्यशील रहनी चाहिए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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सभी नागरिकों का बनेगा डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल
बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी नागरिकों, खासकर बच्चों का डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार करने का निर्देश भी दिया। उनका कहना है कि यदि लोगों का स्वास्थ्य रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से उपलब्ध रहेगा तो बीमारियों की पहचान, इलाज और रोकथाम में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को इस दिशा में तेजी से काम करने और डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के निर्देश दिए।
एबीएचए कार्ड अभियान को मिलेगा विस्तार
मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (एबीएचए) कार्ड अभियान को और व्यापक बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस अभियान को स्कूलों, कॉलेजों, आंगनबाड़ी केंद्रों और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
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अस्पतालों में बढ़ेंगी आधुनिक सुविधाएं
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने सरकारी अस्पतालों को चरणबद्ध तरीके से एयर-कूल बनाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही बर्न यूनिट, इमरजेंसी वार्ड और ऑपरेशन थिएटर जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं को आधुनिक बनाने पर भी जोर दिया गया।
उन्होंने अस्पताल परिसरों में स्वच्छता, रखरखाव और मरीजों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
तकनीक और जवाबदेही से बदलेगी स्वास्थ्य व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक से साफ संकेत मिला है कि झारखंड सरकार तकनीक, बेहतर प्रबंधन और जवाबदेही के जरिए राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक सुधार लाने की तैयारी कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि लोगों को समय पर और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों तथा आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस सेवा अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बने।