झारखंड: जेटेट में पारदर्शिता के लिए नई पहल, 5.60 लाख अभ्यर्थियों को मिलेगी खास ओएमआर शीट
झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) 2026 में करीब 5.60 लाख अभ्यर्थियों को प्री-प्रिंटेड ओएमआर शीट दी जाएगी। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) की इस नई व्यवस्था में परीक्षार्थियों के नाम, रोल नंबर और अन्य जरूरी विवरण पहले से दर्ज रहेंगे। इससे पहचान सत्यापन, उत्तर पुस्तिकाओं के मिलान और परीक्षा प्रबंधन में मदद मिलेगी।
विस्तार
झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) 2026 के आयोजन को लेकर एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। आगामी एक नवंबर को प्रस्तावित इस परीक्षा में शामिल होने वाले लगभग 5.60 लाख अभ्यर्थियों को इस बार प्री-प्रिंटेड ऑप्टिकल मार्क रिकॉग्निशन (ओएमआर) शीट प्रदान की जाएगी। इस नई प्रक्रिया के तहत परीक्षार्थियों के नाम, रोल नंबर तथा अन्य आवश्यक व्यक्तिगत जानकारियां ओएमआर शीट पर पहले से दर्ज रहेंगी।
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की पूर्व परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर उठे विवादों के बाद परीक्षा में पारदर्शिता लाने तथा अभ्यर्थियों की पहचान का सटीक सत्यापन सुनिश्चित करने के दृष्टिकोण से यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस व्यवस्था से उत्तर पुस्तिकाओं के सही मिलान और परीक्षा प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने में सहायता मिलेगी।
पहली बार इतने बड़े पैमाने पर नई व्यवस्था लागू
जेटेट परीक्षा में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के लिए प्री-प्रिंटेड ओएमआर शीट की व्यवस्था की जा रही है। लगभग 5.60 लाख परीक्षार्थियों का परीक्षा प्रबंधन और उनकी उत्तर पुस्तिकाओं का सही ढंग से रखरखाव करना एक बड़ी जिम्मेदारी है।
निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, अभ्यर्थियों के नाम और अन्य विवरणों वाली ओएमआर शीट सीधे संबंधित परीक्षा केंद्रों को भेजी जाएंगी। परीक्षा हॉल में प्रत्येक परीक्षार्थी के लिए आवंटित स्थान पर उसके नाम वाली ओएमआर शीट और प्रश्नपत्र की बुकलेट पहले से रखी रहेगी। यदि कोई अभ्यर्थी परीक्षा में अनुपस्थित रहता है, तो उसके लिए भी जैक द्वारा निर्धारित विशेष नियमों का पालन करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है।
परीक्षा कक्ष में शीट के गलत इस्तेमाल पर निष्कासन
परीक्षा शुरू होने से पहले परीक्षार्थियों को अपनी ओएमआर शीट पर अंकित सभी जानकारियों की सावधानीपूर्वक जांच करनी होगी। अभ्यर्थियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उत्तर पुस्तिका पर दर्ज नाम, रोल नंबर और अन्य विवरण सही हैं तथा वे अपने लिए निर्धारित ओएमआर शीट का ही उपयोग कर रहे हैं।
यदि कोई परीक्षार्थी गलती से किसी दूसरे अभ्यर्थी की ओएमआर शीट का इस्तेमाल करता है, तो उसे परीक्षा से निष्कासित किया जा सकता है। इसलिए परीक्षा शुरू होने से पहले विवरणों का सही मिलान करना अनिवार्य होगा।
जेटेट में लगभग 1.20 लाख अभ्यर्थी ऐसे भी शामिल हो रहे हैं, जो कक्षा एक से पांचवीं और कक्षा छह से आठवीं, दोनों स्तरों की परीक्षा देंगे। इन अभ्यर्थियों की पहचान के सत्यापन और परीक्षा संचालन के लिए यह व्यवस्था विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगी।
प्री-प्रिंटेड ओएमआर प्रणाली के मुख्य लाभ
प्री-प्रिंटेड ओएमआर शीट के इस्तेमाल से परीक्षा प्रणाली में कई फायदे होंगे। सबसे पहले, रोल नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर के गोले भरने या विवरण लिखने में होने वाली मानवीय गलतियों की आशंका कम होगी। दूसरा, विवरण भरने में लगने वाले समय की बचत होगी और परीक्षार्थी प्रश्नों को हल करने पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
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तीसरा, अभ्यर्थियों के लिए पहले से आवंटित शीट होने के कारण उत्तर पुस्तिकाओं की अदला-बदली या गलत इस्तेमाल की आशंका कम होगी। चौथा, मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान उत्तर पुस्तिकाओं की पहचान और रिकॉर्ड का मिलान अधिक व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा। पांचवां, किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर अभिलेखों का सत्यापन करना आसान होगा। हालांकि, अभ्यर्थियों को परीक्षा से संबंधित सभी दिशा-निर्देशों के लिए काउंसिल की आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है।