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झारखंड: बारिश में यहां जान जोखिम में डालकर स्कूल जाते हैं 629 बच्चे, सामने आई बड़ी परेशानी

Sat, 05 Sep 2026 12:10 PM IST
राँची ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: राँची ब्यूरो Updated Sat, 05 Sep 2026 12:10 PM IST
सार

चतरा के कुंदा प्रखंड में पुल-पुलिया और पक्के संपर्क मार्ग के अभाव में 13 विद्यालयों के करीब 629 बच्चे बारिश के दौरान जान जोखिम में डालकर नदी पार कर स्कूल पहुंच रहे हैं। जलस्तर बढ़ने पर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 

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Jharkhand 629 Children Risk Their Lives Crossing Waterlogged Areas to Reach School as Major Issue Surfaces
नदी पार करते स्कूली बच्चे - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

झारखंड के चतरा जिले के उग्रवाद प्रभावित कुंदा प्रखंड में बारिश के मौसम में ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुल-पुलिया और पक्के संपर्क मार्ग के अभाव में स्कूली बच्चों को जान जोखिम में डालकर नदी पार कर स्कूल जाना पड़ रहा है। लगातार बारिश के कारण कई नदियों और छोटे नालों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे गांवों से स्कूल तक पहुंचने वाले रास्ते खतरनाक हो गए हैं।
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 13 विद्यालयों के करीब 629 बच्चे इस समस्या से प्रभावित
कुंदा प्रखंड के 13 विद्यालयों के करीब 629 बच्चे इस समस्या से प्रभावित हैं। उल्लवार, ककनातू, टटेज और रेंगनियातरी समेत कई गांवों के बच्चों को नदी पार कर स्कूल जाना पड़ता है। जलस्तर बढ़ने पर कई बार बच्चे स्कूल नहीं जा पाते। वहीं, तेज बहाव के बावजूद कुछ बच्चे एक-दूसरे का हाथ पकड़कर नदी पार करते हैं। बस्ता पीठ पर और जूते हाथ में लेकर बच्चों को पानी से गुजरना पड़ता है।
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परिजन खुद बच्चों को गोद या कंधे पर बैठाकर नदी पार कराते हैं
बच्चों का कहना है कि नदी का पानी बढ़ने पर उन्हें डर लगता है। अभिभावक भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। कई बार परिजन खुद बच्चों को गोद या कंधे पर बैठाकर नदी पार कराते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, सिंदरी, द्वारपार, हथवार और कुंदा नदियों पर पुल नहीं होने से बरसात में समस्या और गंभीर हो जाती है।
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बारिश के दौरान मुश्किलों का सामना करना पड़ता है
इसका असर केवल विद्यार्थियों पर ही नहीं, बल्कि मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों पर भी पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, हाल ही में एक प्रसूता महिला समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सकी। बारिश के दौरान स्कूलों में मध्याह्न भोजन का राशन और जरूरी सामान पहुंचाना भी मुश्किल हो जाता है।


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उधर, हंटरगंज प्रखंड के पारसिया गांव का दास टोला भी बारिश में टापू में बदल जाता है। जल निकासी बाधित होने से करीब 40 घरों की लगभग 300 की आबादी जलजमाव से प्रभावित है। एंबुलेंस पहुंचने में भी परेशानी होती है। प्रशासन ने जमीन मालिकों को नोटिस जारी किया है, लेकिन ग्रामीण स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। जिला शिक्षा अधीक्षक ने समस्या के समाधान की दिशा में पहल का भरोसा दिया है।
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