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झारखंड में एसआईआर के बाद पहला उपचुनाव: गिरिडीह में कितना बदलेगा चुनावी गणित? सुदिव्य सोनू के निधन से सीट खाली
Mon, 28 Sep 2026 11:28 AM IST
राँची ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Mon, 28 Sep 2026 11:28 AM IST
सार
झारखंड की गिरिडीह विधानसभा सीट पर सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद उपचुनाव होना है। एसआईआर के बाद 19 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी होने का कार्यक्रम है और इसके बाद उपचुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। 2024 में सोनू ने भाजपा प्रत्याशी को 3,838 वोट से हराया था। अब उपचुनाव में नई मतदाता सूची के बदलाव भी चर्चा के केंद्र में रहेंगे।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला GFX
विस्तार
झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक घमासान जारी है। कांग्रेस समेत विपक्षी दल निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं और इसके विरोध में आंदोलन भी कर रहे हैं। इसी बीच झारखंड में एसआईआर के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद पहली बार विधानसभा उपचुनाव होने जा रहा है। यह उपचुनाव गिरिडीह विधानसभा सीट पर होगा। मंत्री और विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद यह सीट रिक्त हुई है। सुदिव्य कुमार सोनू का सितंबर 2026 में निधन हुआ था।
निर्वाचन प्रक्रिया के तहत रिक्त विधानसभा सीट पर निर्धारित अवधि के भीतर उपचुनाव कराया जाना है। ऐसे में गिरिडीह उपचुनाव नवंबर के अंतिम सप्ताह में होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, 19 अक्टूबर को राज्य में एसआईआर के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी होने का कार्यक्रम है। ऐसे में इस उपचुनाव में नई मतदाता सूची की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
एसआईआर के बाद बदली मतदाता सूची पर रहेंगी सबकी नजरें
सबसे बड़ा सवाल यही है कि एसआईआर के बाद मतदाता सूची में हुए बदलाव का गिरिडीह के चुनावी समीकरण पर कितना असर पड़ेगा। कितने नाम हटे, कितने नए मतदाता जुड़े और किन इलाकों में मतदाताओं की संख्या में बदलाव आया, इन आंकड़ों पर राजनीतिक दलों की नजर रहेगी। खासकर उन क्षेत्रों पर ध्यान रहेगा, जहां बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से आकर लोग बसे हैं। गिरिडीह जिला निर्वाचन कार्यालय के पोर्टल पर एसआईआर 2026 के ड्राफ्ट रोल और दावे-आपत्तियों से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है।
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2024 में 3838 वोट से जीते थे सुदिव्य सोनू
2024 के विधानसभा चुनाव में सुदिव्य कुमार सोनू ने गिरिडीह सीट पर भाजपा के निर्भय कुमार शाहाबादी को 3,838 मतों के अंतर से हराया था। सोनू को 94,042 वोट मिले थे, जबकि भाजपा प्रत्याशी को 90,204 वोट प्राप्त हुए थे। गिरिडीह को लंबे समय से भाजपा के प्रभाव वाले क्षेत्रों में गिना जाता रहा है, लेकिन 2019 और 2024 के विधानसभा चुनाव में यहां झामुमो के सुदिव्य कुमार सोनू ने जीत दर्ज की थी।
ये भी पढ़ें- बिहार में आसमान तक उठा पानी का ‘बवंडर’: तेज हवा-बारिश के बीच दिखा दुर्लभ नजारा, मौसम विभाग ने क्या बताया?
झामुमो और भाजपा के प्रत्याशियों की घोषणा बाकी
उपचुनाव के लिए झामुमो और भाजपा ने अभी अपने प्रत्याशियों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। झामुमो की ओर से सुदिव्य सोनू के परिवार से जुड़े नामों की चर्चा है, जबकि भाजपा में पूर्व सांसद रविंद्र राय समेत कई नामों की चर्चा चल रही है। हालांकि, अंतिम तस्वीर प्रत्याशियों की घोषणा के बाद ही साफ होगी।
नई वोटर लिस्ट पर टिका रहेगा चुनावी समीकरण
गिरिडीह उपचुनाव में महत्वपूर्ण सवाल केवल दलों के बीच मुकाबले का नहीं, बल्कि SIR के बाद बदली मतदाता सूची का भी होगा। अंतिम मतदाता सूची में कितने नाम जुड़ते या हटते हैं और किन क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में बदलाव होता है, यह उपचुनाव के दौरान राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के लिए अहम विषय रहेगा। नई मतदाता सूची के आंकड़ों से चुनावी समीकरण पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर भी नजरें गिरिडीह पर टिकी रहेंगी।
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निर्वाचन प्रक्रिया के तहत रिक्त विधानसभा सीट पर निर्धारित अवधि के भीतर उपचुनाव कराया जाना है। ऐसे में गिरिडीह उपचुनाव नवंबर के अंतिम सप्ताह में होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, 19 अक्टूबर को राज्य में एसआईआर के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी होने का कार्यक्रम है। ऐसे में इस उपचुनाव में नई मतदाता सूची की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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एसआईआर के बाद बदली मतदाता सूची पर रहेंगी सबकी नजरें
सबसे बड़ा सवाल यही है कि एसआईआर के बाद मतदाता सूची में हुए बदलाव का गिरिडीह के चुनावी समीकरण पर कितना असर पड़ेगा। कितने नाम हटे, कितने नए मतदाता जुड़े और किन इलाकों में मतदाताओं की संख्या में बदलाव आया, इन आंकड़ों पर राजनीतिक दलों की नजर रहेगी। खासकर उन क्षेत्रों पर ध्यान रहेगा, जहां बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से आकर लोग बसे हैं। गिरिडीह जिला निर्वाचन कार्यालय के पोर्टल पर एसआईआर 2026 के ड्राफ्ट रोल और दावे-आपत्तियों से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है।
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2024 में 3838 वोट से जीते थे सुदिव्य सोनू
2024 के विधानसभा चुनाव में सुदिव्य कुमार सोनू ने गिरिडीह सीट पर भाजपा के निर्भय कुमार शाहाबादी को 3,838 मतों के अंतर से हराया था। सोनू को 94,042 वोट मिले थे, जबकि भाजपा प्रत्याशी को 90,204 वोट प्राप्त हुए थे। गिरिडीह को लंबे समय से भाजपा के प्रभाव वाले क्षेत्रों में गिना जाता रहा है, लेकिन 2019 और 2024 के विधानसभा चुनाव में यहां झामुमो के सुदिव्य कुमार सोनू ने जीत दर्ज की थी।
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झामुमो और भाजपा के प्रत्याशियों की घोषणा बाकी
उपचुनाव के लिए झामुमो और भाजपा ने अभी अपने प्रत्याशियों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। झामुमो की ओर से सुदिव्य सोनू के परिवार से जुड़े नामों की चर्चा है, जबकि भाजपा में पूर्व सांसद रविंद्र राय समेत कई नामों की चर्चा चल रही है। हालांकि, अंतिम तस्वीर प्रत्याशियों की घोषणा के बाद ही साफ होगी।
नई वोटर लिस्ट पर टिका रहेगा चुनावी समीकरण
गिरिडीह उपचुनाव में महत्वपूर्ण सवाल केवल दलों के बीच मुकाबले का नहीं, बल्कि SIR के बाद बदली मतदाता सूची का भी होगा। अंतिम मतदाता सूची में कितने नाम जुड़ते या हटते हैं और किन क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में बदलाव होता है, यह उपचुनाव के दौरान राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के लिए अहम विषय रहेगा। नई मतदाता सूची के आंकड़ों से चुनावी समीकरण पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर भी नजरें गिरिडीह पर टिकी रहेंगी।