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झारखंड: देवघर में साइबर ठगी का खुलासा, फर्जी कस्टमर केयर और बैंक अधिकारी बनकर ठगते थे दो भाई
Sun, 11 Oct 2026 04:36 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
Updated Sun, 11 Oct 2026 04:36 PM IST
सार
झारखंड के देवघर में साइबर ठगी के आरोप में पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि और एयरटेल पेमेंट बैंक के अधिकारी बनकर विभिन्न राज्यों के लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। पुलिस ने उनके पास से तीन मोबाइल फोन और तीन सिमकार्ड बरामद किए हैं।
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
देवघर पुलिस ने फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि और एयरटेल पेमेंट बैंक का अधिकारी बनकर विभिन्न राज्यों के लोगों से साइबर ठगी करने वाले दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। देवघर पुलिस ने सारवां थाना क्षेत्र के जारा गांव के निवासी धनंजय यादव और संजय यादव को पथरड्डा ओपी क्षेत्र से दबोचा है। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन और तीन सिमकार्ड बरामद किए हैं। अदालत में पेशी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में मंडल कारा भेज दिया गया है।
गुप्त सूचना पर पुलिस की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के आदेश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई साइबर डीएसपी कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पूरी की। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पथरड्डा ओपी क्षेत्र में कुछ संदिग्ध व्यक्ति विभिन्न कंपनियों के फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि और बैंक अधिकारी बनकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने चिह्नित स्थान पर छापेमारी करके दोनों सगे भाइयों को गिरफ्तार किया।
फर्जी सेवाओं के नाम पर ठगी
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी संगठित रूप से साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहे थे। वे लोगों को झांसे में लेने के लिए फ्लिपकार्ट, अमेजन पे, गूगल पे और फोनपे जैसी प्रसिद्ध कंपनियों के फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर बात करते थे। इसके साथ ही वे एयरटेल पेमेंट बैंक के अधिकारी और पीएम किसान योजना के नाम पर भी आम लोगों को अपना शिकार बनाते थे। जब्त किए गए तीन मोबाइल फोन और तीन सिमकार्ड की प्रारंभिक जांच में पुलिस को साइबर ठगी से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
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कई राज्यों में दर्ज मिलीं शिकायतें
मामले की तकनीकी जांच के दौरान पुलिस ने जब्त मोबाइल नंबरों और उनके आइएमइआइ नंबरों का गहनता से विश्लेषण किया। इस दौरान विभिन्न राज्यों में इन मोबाइल नंबरों और आइएमइआइ नंबरों के खिलाफ साइबर ठगी की कई शिकायतें दर्ज होने की बात सामने आई है। इस मामले में देवघर के साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। इस सफल छापेमारी अभियान में पथरड्डा ओपी प्रभारी मोतीराम देवगम सहित पथरड्डा ओपी की पुलिस टीम शामिल रही।
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गुप्त सूचना पर पुलिस की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के आदेश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई साइबर डीएसपी कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पूरी की। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पथरड्डा ओपी क्षेत्र में कुछ संदिग्ध व्यक्ति विभिन्न कंपनियों के फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि और बैंक अधिकारी बनकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने चिह्नित स्थान पर छापेमारी करके दोनों सगे भाइयों को गिरफ्तार किया।
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फर्जी सेवाओं के नाम पर ठगी
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी संगठित रूप से साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहे थे। वे लोगों को झांसे में लेने के लिए फ्लिपकार्ट, अमेजन पे, गूगल पे और फोनपे जैसी प्रसिद्ध कंपनियों के फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर बात करते थे। इसके साथ ही वे एयरटेल पेमेंट बैंक के अधिकारी और पीएम किसान योजना के नाम पर भी आम लोगों को अपना शिकार बनाते थे। जब्त किए गए तीन मोबाइल फोन और तीन सिमकार्ड की प्रारंभिक जांच में पुलिस को साइबर ठगी से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
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कई राज्यों में दर्ज मिलीं शिकायतें
मामले की तकनीकी जांच के दौरान पुलिस ने जब्त मोबाइल नंबरों और उनके आइएमइआइ नंबरों का गहनता से विश्लेषण किया। इस दौरान विभिन्न राज्यों में इन मोबाइल नंबरों और आइएमइआइ नंबरों के खिलाफ साइबर ठगी की कई शिकायतें दर्ज होने की बात सामने आई है। इस मामले में देवघर के साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। इस सफल छापेमारी अभियान में पथरड्डा ओपी प्रभारी मोतीराम देवगम सहित पथरड्डा ओपी की पुलिस टीम शामिल रही।