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Jharkhand News: धूमधाम से मनाया जा रहा सरहुल, रांची में सीएम हेमंत सोरेन ने की पूजा-अर्चना

Sat, 21 Mar 2026 04:04 PM IST
राँची ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: राँची ब्यूरो Updated Sat, 21 Mar 2026 04:04 PM IST
सार

झारखंड में प्रकृति पर्व सरहुल पूरे उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जा रहा है। रांची के प्रमुख सरना स्थलों पर विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधायक कल्पना सोरेन, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और मेयर रोशनी खलखो शामिल हुए।

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Celebration of nature festival Sarhul, CM Hemant Soren and several public representatives performed puja
सीएम हेमंत सोरेन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रकृति पर्व सरहुल पूरे झारखंड में हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही विभिन्न सरना स्थलों पर पूजा-पाठ और अनुष्ठानों का दौर जारी है। राजधानी रांची के जेल मोड़ स्थित आदिवासी छात्रावास और सिरमटोली सरना स्थल पर भी विशेष आयोजन किए गए। इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधायक कल्पना सोरेन, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और मेयर रोशनी खलखो उपस्थित रहीं। सभी ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर राज्यवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की।
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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दी बधाई

इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरहुल केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि यह त्योहार जल, जंगल और जमीन के महत्व को समझने और उनके संरक्षण की प्रेरणा देता है। प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर चलना ही सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की कुंजी है। मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों को सरहुल और ईद की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। वहीं विधायक कल्पना सोरेन ने सरहुल को प्रकृति से जुड़ा पवित्र पर्व बताते हुए इसकी सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डाला।
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कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि आदिवासी समाज इस पर्व को हर वर्ष पूरे पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाता है, जो उनकी प्रकृति के प्रति गहरी आस्था को दर्शाता है। सरहुल के अवसर पर पूरे राज्य में उत्सव का माहौल है। लोग पारंपरिक वेशभूषा, नृत्य और संगीत के साथ इस प्रकृति पर्व को उत्साहपूर्वक मना रहे हैं।
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