फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   Ranchi Review of action on instructions given two months ago to prevent poppy cultivation

Ranchi: पोस्ते की खेती पर रोकथाम के लिए दो महीने पहले दिए निर्देश पर कार्रवाई की समीक्षा, सचिव ने कही यह बात

Fri, 21 Feb 2025 10:22 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: अरविंद कुमार Updated Fri, 21 Feb 2025 10:22 PM IST
सार

पोस्ते की खेती पर रोकथाम के लिए दो महीने पहले दिए निर्देश पर कार्रवाई की समीक्षा हुई। मुख्य सचिव के मुताबिक, पोस्ते की खेती के खिलाफ अभियान का सकारात्मक परिणाम दिख रहा है।

विज्ञापन
Ranchi Review of action on instructions given two months ago to prevent poppy cultivation
कार्रवाई की समीक्षा बैठक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्य सचिव अलका तिवारी ने कहा है कि पोस्ते की खेती के खिलाफ अभियान का सकारात्मक परिणाम दिख रहा है। लेकिन पोस्ते की फसल की सौ फीसदी विनष्टीकरण सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभियान से जुड़े अधिकारी आपसी समन्वय को और मजबूत तथा कारगर करें। जितने कांड दर्ज हुए हैं, उससे कम गिरफ्तारी को इंगित करते हुए उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा गिरफ्तारी और उन्हें सजा दिलाने पर फोकस करें।

विज्ञापन


उन्होंने विनष्टीकरण की प्रक्रिया में जरूरी संसाधनों का वास्तविक आकलन करने पर बल देते हुए कहा कि जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। कुछ जगहों पर अभी भी पोस्ते की फसल लगी होने की सूचना पर उन्होंने पोस्ते की खेती के खिलाफ अभियान को 15 मार्च तक जारी रखने का निर्देश दिया। वह शुक्रवार को पोस्ते की खेती के खिलाफ दो महीने पहले अपनी अध्यक्षता में हुई बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा कर रही थीं।
विज्ञापन


19 हजार एकड़ से अधिक भूमि पर लगी पोस्ते की फसल की गई नष्ट
समीक्षा के दौरान बताया गया कि पोस्ते की खेती के खिलाफ अभियान के दौरान कुल 19,086 एकड़ में लगी फसल को नष्ट किया गया है, जो पिछले कुछ वर्षों से चार गुना अधिक है। सबसे अधिक खूंटी में 10,520 एकड़ में लगी पोस्ते की फसल को नष्ट किया गया है। दूसरे स्थान पर रांची जिला है, जहां 4624 एकड़ में लगी पोस्ते की फसल नष्ट की गई है। सबसे कम पलामू में 396 एकड़ में लगे पोस्ते के पौधे को नष्ट किया गया है। बताया गया कि कुछ जगहों पर अभी भी पोस्ते की फसल को नष्ट करना बाकी है, जहां स्पेशल ड्राइव चलाकर कार्रवाई चल रही है। गौरतलब है कि पोस्ते की खेती से झारखंड के कुल आठ जिले चतरा, खूंटी, लातेहार, रांची, पलामू,चाईबासा, सरायकेला, और हजारीबाग प्रभावित हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


243 कांड किए गए दर्ज, 190 की हुई गिरफ्तारी
समीक्षा के दौरान बताया गया कि पोस्ते की फसल के विनष्टीकरण के दौरान कुल 283 कांड और 958 सनहा दर्ज किए गए हैं। इस संदर्भ में कुल 190 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान पुलिस प्रमुख अनुराग गुप्ता ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे वन विभाग द्वारा पोस्ते की खेती को लेकर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट को आधार बनाकर संबंधित लोगों पर एफआइआर दर्ज करें। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले में वन विभाग कानूनन सिर्फ अतिक्रमण का मामला दर्ज करता है, जो पोस्ते की खेती की गंभीरता को देखते हुए कमतर कार्रवाई होती है।


जन जागरुकता पर दिया बल
इस दौरान मुख्य सचिव ने एक बार फिर पोस्ते की खेती के खिलाफ जन जागरुकता पर बल दिया। उन्होंने पोस्ते की खेती को हतोत्साहित करने के लिए लोगों को फसल के अन्य विकल्पों से जोड़ने को जरूरी बताया। कहा, कुछ जगहों पर वैकल्पिक खेती से जोड़े गए लोगों द्वारा उत्साहजनक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने पोस्ते की खेती का भौतिक सत्यापन के साथ सेटेलाइट की सहायता से भी प्रभावित क्षेत्र को चिह्नित करने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान गृह विभाग की प्रधान सचिव वंदना डाडेल, कृषि सचिव अबु बक्कर सिद्धीक, पंचायती राज विभाग के सचिव विनय कुमार चौबे समेत संबंधित प्रमंडलों के आईजी, संबंधित जिलों के एसपी और डीसी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed