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Jharkhand: कुरमी जाति को एसटी सूची में शामिल करने की मांग पर रेल यातायात ठप, 12 ट्रेनें रद्द

Sun, 21 Sep 2025 11:22 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Sun, 21 Sep 2025 11:22 AM IST
सार

झारखंड में कुरमी जाति को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करने की मांग को लेकर रेल टोको आंदोलन के कारण रविवार को 12 ट्रेनों का परिचालन रद्द कर दिया गया।

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Rail traffic halted over demand to include Kurmi caste in ST list, 12 trains cancelled
भारतीय रेल - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

कुरमी (कुर्मी) जाति को अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची में शामिल करने की मांग को लेकर रविवार को झारखंड में रेल  रोको आंदोलन के चलते 12 ट्रेनों का परिचालन रद्द कर दिया गया। आंदोलन के कारण अधिकांश ट्रेनें अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाईं और कई ट्रेनों को बीच में ही रोकना पड़ा।
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रेल प्रशासन ने नौ ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया, जबकि 21 ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट किया। रांची से हावड़ा जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को भी आज रद्द कर दिया गया। रविवार को रद्द हुई प्रमुख ट्रेनों में 8602 हटिया-टाटा एक्सप्रेस, 20887 रांची-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस, 18628 रांची-हावड़ा इंटरसिटी एक्सप्रेस, 20908 रांची-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस, 18626 हटिया-पूर्णिया कोर्ट कोसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस, 12814 टाटा-हावड़ा स्टील एक्सप्रेस, 68125-68126 टाटा-बड़बिल-टाटा मेमू, 68006 टाटा-खड़गपुर मेमू, 68016 टाटा-खड़गपुर मेमू और 18109-18110 टाटा-इतवारी-टाटा एक्सप्रेस शामिल हैं। इसके अलावा कई ट्रेनों को दूसरे रूट से चलाया गया।
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आंदोलन से यात्रियों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा। टाटानगर रेलवे स्टेशन से करीब तीस हजार के टिकट रद्द हुए, वहीं हटिया और रांची में भी हजारों रुपये के टिकट की वापसी हुई। ऑनलाइन टिकट बुकिंग में भी कई टिकट कैंसिल हुए। शनिवार को आंदोलन के कारण रेल यात्री विशेषकर छोटे बच्चों के लिए भीषण गर्मी में काफी परेशान रहे। भूखे-प्यासे यात्रियों को दिनभर इंतजार करना पड़ा और कई जगह यात्री ट्रेन छोड़कर सड़कों से पैदल चलते दिखाई दिए।
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यात्रियों ने कहा कि आंदोलन आम जनता को परेशान करके नहीं होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि आंदोलन करना है तो सरकार के कार्यालयों या अधिकारियों के आवास का घेराव किया जाए। राजनेता और बड़े लोग हवाई यात्रा या लग्जरी गाड़ियों से सफर करते हैं, जबकि आम जनता रेल और बस का उपयोग करती है। इसलिए रेल और सड़कों को रोकना अनुचित है और इससे बचना चाहिए।
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