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पुलवामा हमले में शहीद रतन ठाकुर को हुआ बेटा, ब्रेन हेमरेज से खतरे में मासूम की जान

Wed, 10 Apr 2019 08:55 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: Sneha Baluni Updated Wed, 10 Apr 2019 08:55 AM IST
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Pulwama Terror Attack: three day old infant of CRPF jawan is admitted to hospital
अस्पताल में भर्ती शहीद रतन कुमार का बेटा और पत्नी (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook

जम्मू कश्मीर के पुलवामा आतंकी हमले में शहीद होने वाले सीआरपीएफ के जवान रतन ठाकुर का तीन दिन का बच्चा गंभीर हालत में रांची के एक अस्पताल में भर्ती है। बिहार के भागलपुर के रतनपुर गांव के रहने वाले जवान रतन ठाकुर लगभग दो महीने पहले शहीद हो गए थे।

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शहीद की पत्नी राजनंदिनी देवी ने 6 अप्रैल को अपने दूसरे बच्चे को जन्म दिया है। बच्चे का जन्म समय से पहले हुआ है। इसी कारण उसे कुछ स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हैं जिसकी वजह से उसे भागलपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां से डॉक्टरों ने उन्हें रांची के रानी चिल्ड्रंस अस्पताल रेफर कर दिया।
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रानी अस्पताल के वरिष्ठ शिशुरोग विशेषज्ञ डॉक्टर राकेश कुमार ने कहा, 'ब्रेन हेमरेज के कारण शिशु के दिल की धमनियों में रक्तस्राव हो रहा है। इसका एक कारण बच्चे का आठ महीने में जन्म होना है। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार बच्चा जन्म के समय रोया भी नहीं था।'
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डॉक्टर ने कहा, 'हमारे सामने फीफटी-फीफटी वाली परिस्थिति है। अस्पता़ल बच्चे को सभी संभावित बेहतरीन सुविधा मुहैया करवा रहा है। हमने उसे वेंटिलेटर पर रखा है।' अस्पताल प्रशासन ने सभी खर्च में 50 फीसदी की छूट देने की घोषणा की है। वहीं अस्पताल प्रशासक मुकुल घोष ने कहा, 'बोर्ड की बैठक में यह फैसला लिया जाएगा कि सारे शुल्क माफ किए जा सकते हैं या नहीं।'

राजनंदिनी और शहीद के पिता रामनिरंजन ठाकुर डॉक्टरों से बच्चे को बचाने की मिन्नतें कर रहे हैं। रामनिरंजन ने कहा, 'मैं अब एक और बेटा खोना नहीं चाहता। अपने पिता के निधन के बाद इसका जन्म हुआ है। मैं इस बात को सुनिश्चित करुंगा की वह अपने पिता के पदचिह्नों पर चले। कृपया उसे बचा लीजिए।' 


राजनंदिनी का कहना है कि पति की मौत के बाद बेटे को खो देने का ख्याल भी उनके लिए कष्टदायी है। उन्होंने कहा, 'मैंने अभी उम्मीद नहीं छोड़ी है। जब मेरे पति शहीद हुए थे तब भारत के लोग प्रार्थनाओं में एकजुट हुए थे। मैं उनसे अपील करती हूं कि वह शहीद के बेटे के लिए प्रार्थना करें।' शहीद का पहला बेटा तीन साल का है जिसका नाम कृष्णा है।

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