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झारखंड: तूफान के बाद तबाही में सात की मौत, सैकड़ों घर ध्वस्त
नीरज सिन्हा, रांची
Updated Wed, 16 Oct 2013 03:17 PM IST
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ओडीशा में आए तूफान पायलिन ने झारखंड में भी तबाही मचाई है। राज्य के अलग- अलग इलाकों में दो बच्चों समेत सात लोगों की मौत की खबर है।
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सैकडों कच्चे मकान ध्वस्त हो गए हैं। राजमार्ग पर एक पुल भी भरभरा कर ढह गया है। राज्य के विभिन्न जिलों से राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग को जान-माल की क्षति के बारे में लगातार रिपोर्ट मिल रही हैं।
हालांकि सोमवार की सुबह से बारिश थम गई है लेकिन मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के बाद ही मौसम साफ होने का अनुमान बताया है।
गुमला की जिलाधिकारी वीणा मिश्र ने राज्य मुख्यालय को भेजी रिपोर्ट में बताया है कि सिसई बाजार टांड में कच्ची दीवार ढह जाने से एक तीन वर्षीय बच्ची की मौत हो गई है।
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राज्य के बोकारो जिले में अलग-अलग दिन तीन लोगों की मौत हुई है। बोकारो के डीसी उमाशंकर सिंह ने बताया है कि नाले में बह जाने से एक सात वर्षीय बच्चे की मौत हो गई।
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उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न हिस्सों में 109 कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जिले में पांच राहत शिविर चलाए जा रहे हैं। पीडित लोगों को सूखा राशन दिया जा रहा है।
गिरिडीह जिले के डीसी दीप्रवा लकडा ने बताया है कि सुदूर गांव कुबरीटांड में बिजली गिरने से टेकलाल रजक नामक व्यक्ति की मौत हो गई है। 27 कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हुए हुए हैं।
पुल गिरा
इसी जिले के सरिया-राजधनबार राजकीय मार्ग पर तेज बारिश की वजह से इरगा पुल ध्वस्त हो गया है। इससे यातायात प्रभावित हुआ है।
खूंटी के डीसी मुकेश कुमार ने राज्य मुख्यालय को भेजी रिपोर्ट में जानकारी दी है कि तोरपा के एक गांव में दीवार ढहने से एक व्यक्ति एतवा तीरू की मोत हो गई है। चार अन्य लोग घायल हैं।
इसी जिले के विभिन्न गांवों में कम- से- कम तीन सौ कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। राहत कार्य चलाए जा रहे हैं।
पाकुड के डीसी एफ टोप्पो ने बताया है कि जिले के सुदूर देबपुर और सिराजपुर में तेज हवा व बारिश से करीब चार सौ झुग्गी- झोपडी क्षतिग्रस्त हुए हैं।
इसी तरह दुमका जिले के कई गांवो में लगभग ढाई सौ कच्चे मकान ध्वस्त हो गए हैं।
जिला प्रशासन ने पीडित परिवारों के बीच राहत कार्य शुरू किए हैं। उन्हें प्लास्टिक, चूडा, चावल, माचिस , मोमबत्तियां आदि दी जा रही हैं।
तबाही
ओडीशा की सीमा से सटे जमशेदपुर जिले के बहरागोडा, मुसाबनी, डुमरिया प्रखंड के दर्जन भर गांवों में पायलिन ने तबाही मचा दी है।
घाटशिला के एसडीओ अमित कुमार ने बताया है कि 19 राहत शिविर चलाए जारहे हैं।
तेज बारिश की वजह से शंख और जै नदी में आए उफान से दर्जनों गांव जलमग्न हो गए हैं।
तीन सौ से अधिक कच्चे मकान ध्वस्त हो गए हैं। तूफान से सात सौ से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं।
मंगलवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आपदा प्रबंधन विभाग के आला अफसरों के साथ बैठक की। इसमें सरकार के मंत्री राजेंद्र प्रसाद सिंह भी थे और आपदा प्रबंधन सचिव अरूण कुमार सिंह भी थे।
मुख्यमंत्री ने राहत कार्य तेज करने के साथ पीडित परिवारों को तत्काल मुआवजा देने का निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा है कि सभी जिलों से जान- माल की क्षति के बारे में शीघ्र रिपोर्ट मंगाई जाए। तेज बारिश की वजह से उफनती नदियों पर नजर रखी जाए। गरीबों को राहत देने में फौरी कार्रवाई हो।