झारखंड: पिछले दो साल में 900 से अधिक उग्रवादी गिरफ्तार किए गए, 25 को मार गिराया गया, डीजीपी ने दी जानकारी
झारखंड पुलिस महानिदेशक के अनुसार पिछले दो साल में राज्य में नक्सलियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की गई है और इस दौरान इस समस्या से निपटने के लिए शुरू किए गए अभियानों और नीतियों का सकारात्मक परिणाम देखने को मिला है।
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झारखंड में पुलिस महानिदेशक नीरज सिन्हा ने बुधवार को बताया कि पिछले दो साल में नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान राज्य में 909 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में शीर्श माओवादी कमांडर भी शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न मुठभेड़ों में कम से कम 25 नक्सलियों को मार गिराया गया है।
सिन्हा ने बताया कि इस दौरान भारी मात्रा में हथियार व गोला-बारूद समेत लगभग 44 लाख रुपये जब्त किए। डीजीपी सिन्हा 73वें गणतंत्र दिवस के मौके पर ध्वजारोहण करने के बाद पुलिस अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, 15 नवंबर 2000 को राज्य के गठन के बाद से कुल 9631 उग्रवादी गिरफ्तार किए गए हैं।
दो साल में नक्सलियों के खिलाफ मिली हैं बड़ी सफलताएं
उन्होंने कहा, 'हाल ही में (पिछले दो साल में) एक पोलितब्यूरो सदस्य, एक केंद्रीय समिति के सदस्य 10 जोनल कमांडर, 31 सब जोनल कमांडर और 42 एरिया कमांडरों समेत 909 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया।' उन्होंने इस सफलता के लिए झारखंड पुलिस की ओर शुरू किए गए प्रभावी नक्सल विरोधी अभियानों को श्रेय दिया।
डीजीपी ने आगे कहा कि इसके अलावा 74 पुलिस हथियारों समेत 349 देशी हथियार, 629 आईईडी, 14,885 कार्ट्रिज और 3878 डेटोनेटर जब्त किए गए हैं। वहीं, सुरक्षा बलों ने विभिन्न मुठभेड़ों में कम से कम 25 नक्सलियों को मार गिराया है। उन्होंने कहा कि यह झारखंड पुलिस की और हमारे सुरक्षा बलों की बड़ी सफलताएं हैं।
आत्मसमर्पण नीति का भी दिखा असर, 24 ने डाले हथियार
इसके अलावा नक्सलियों को मुख्य धारा में लाने के उद्देश्य से तैयार की गई आत्मसमर्पण नीति का भी सकारात्मक असर देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि 34 नक्सली हथियार डाल कर आत्ममर्पण कर चुके हैं। इसके अलावा संबोधन में सिन्हा ने राज्य में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
ऑनलाइन एफआईआर व्यवस्था के तहत दर्ज की गई 70,280 एफआईआर में से 61,770 का निपटारा किया जा चुका है। साइबर अपराधों को लेकर झारखंड पुलिस ने कई जागरूकता अभियानों का आयोजन भी किया है। उन्होंने बताया कि राज्य के 519 पुलिस थानों को क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्किंग व्यवस्था से जोड़ा गया है।