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झारखंड: एक लाख करोड़ निवेश और पांच लाख नौकरियों के लिए नई निवेश नीति
Tue, 06 Jul 2021 11:31 PM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, रांची
पीटीआई, रांची
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 06 Jul 2021 11:31 PM IST
सार
झारखंड में निवेश नीति के तहत आगामी पांच वर्षों में राज्य में निवेश करने वालों को तमाम लाभ दिए जाएंगे जिनमें राज्य सरकार के हिस्से का जीएसटी वापस करना, पंजीकरण, लाइसेंस आदि के शुल्क में छूट जैसी तमाम बातें शामिल हैं।
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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook
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विस्तार
झारखंड सरकार ने अगले पांच वर्षों में राज्य में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश लाने एवं पांच लाख युवाओं को नौकरी देने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के साथ आज नई झारखंड औद्योगिक एवं निवेश प्रोत्साहन नीति-2021 को स्वीकृति दी।
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झारखंड सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को यहां हुई राज्य मंत्रिपरिषद् की बैठक में इस आशय का फैसला किया गया।
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प्रवक्ता ने बताया कि मंत्रिपरिषद् ने में इस महत्वाकांक्षी झारखंड औद्योगिक एवं निवेश प्रोत्साहन नीति-2021 को स्वीकृति दी। उन्होंने बताया कि इस नीति के तहत आगामी पांच वर्षों में राज्य में निवेश करने वालों को तमाम लाभ दिए जाएंगे जिनमें राज्य सरकार के हिस्से का जीएसटी वापस करना, पंजीकरण, लाइसेंस आदि के शुल्क में छूट जैसी तमाम बातें शामिल हैं।
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उन्होंने बताया कि निवेश और रोजगार के इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार ने पांच उच्च प्राथमिकता के क्षेत्र निर्धारित किए हैं जिनमें वस्त्र एवं कपड़ा उद्योग का क्षेत्र, मोटरवाहन एवं मोटरवाहन के कलपुर्जों का उद्योग, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, औधषि निर्माण तथा इलेक्ट्रानिक प्रणाली डिजाइन एवं उत्पादन के क्षेत्र प्रमुख रूप से शामिल किये गए हैं।
इसके अलावा राज्य सरकार ने नई निवेश नीति के लिए आठ प्राथमिक क्षेत्रों का भी चयन किया है। प्रवक्ता ने बताया कि राज्य में यह नई औद्योगिक एवं निवेश प्रोत्साहन नीति 2021 एक अप्रैल से ही लागू मानी जाएगी और यह कुल पांच वर्षों के लिए होगी।