फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   Latehar: 35 children fell ill after eating chowmein at the Jatra fair, but timely treatment saved their lives.

Jharkhand News: जतरा मेले में चाउमीन खाने से 35 बच्चे बीमार, समय पर इलाज से बची जान

Thu, 18 Sep 2025 11:34 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला,लातेहार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,लातेहार Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Thu, 18 Sep 2025 11:34 AM IST
सार

लातेहार जिले के टेमकी गांव में आयोजित जतरा मेले में चाउमीन खाने से लगभग 35 बच्चे अचानक बीमार पड़ गए। बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और सिर चकराने जैसी समस्याएं हुईं। स्थानीय पूर्व मुखिया राजेश उरांव और जिला परिषद सदस्य विनोद उरांव ने तुरंत एम्बुलेंस की व्यवस्था कर बच्चों को सदर अस्पताल पहुंचाया।

विज्ञापन
Latehar: 35 children fell ill after eating chowmein at the Jatra fair, but timely treatment saved their lives.
मौके पर मौजूद लोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लातेहार जिले के सदर थाना क्षेत्र के टेमकी गांव में बुधवार को आयोजित जतरा मेले में अचानक अफरातफरी मच गई, जब मेले में बिक रही चाउमीन खाने से लगभग 35 बच्चे बीमार पड़ गए। बच्चों को अचानक पेट दर्द, उल्टी और सिर चकराने जैसी समस्याएं होने लगीं। देखते ही देखते स्थिति गंभीर हो गई और मौके पर मौजूद लोग घबरा उठे। स्थानीय लोगों ने तुरंत पूर्व मुखिया राजेश उरांव और जिला परिषद सदस्य विनोद उरांव को इसकी सूचना दी। दोनों जनप्रतिनिधियों ने तत्परता दिखाते हुए एम्बुलेंस की व्यवस्था की और सभी बीमार बच्चों को तुरंत सदर अस्पताल लातेहार भेजा। ग्रामीणों ने भी मिलकर बच्चों को अस्पताल पहुँचाने में मदद की।
विज्ञापन


अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. जय प्रकाश जायसवाल ने बताया कि यह फूड पॉइजनिंग का मामला है। उन्होंने कहा कि मेले में परोसी गई चाउमीन बच्चों की तबीयत बिगड़ने का मुख्य कारण बनी। डॉक्टर ने कहा कि जैसे ही बच्चे अस्पताल लाए गए, उनका तुरंत इलाज शुरू कर दिया गया। समय पर इलाज मिलने की वजह से अब सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं और उनकी स्थिति स्थिर है।
विज्ञापन


पढ़ें: 'घुसपैठ हो रही, चौकीदार सो रहा है', स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का PM मोदी पर तंज; आगामी चुनाव पर भी बोले
विज्ञापन
विज्ञापन


इस घटना के बाद टेमकी गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बन गया। माता-पिता और परिजन अस्पताल में डटे रहे और बच्चों की हालत जानने के लिए बार-बार डॉक्टरों से संपर्क करते रहे। डॉक्टरों ने आश्वस्त किया कि चिंता की कोई बात नहीं है और सभी बच्चे जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे। घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया। अधिकारियों ने अस्पताल जाकर बच्चों की स्थिति का जायजा लिया और मेले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की जांच करने का निर्देश दिया। बताया जा रहा है कि जिस स्टॉल पर चाउमीन बेची जा रही थी, वहां स्वच्छता मानकों की गंभीर कमी थी। स्वास्थ्य विभाग अब यह जांच कर रहा है कि भोजन में मिलावट या बासी सामग्री का इस्तेमाल तो नहीं किया गया था।

गांव के लोगों ने कहा कि जतरा मेले में बच्चों की सबसे ज्यादा भीड़ रहती है और ऐसे में अगर समय पर इलाज नहीं होता, तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि आगे से ऐसे मेलों में खाद्य सामग्री बेचने वालों की जांच-पड़ताल पहले से की जाए, ताकि इस तरह की घटना दोबारा न हो। फिलहाल, अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों की सतर्कता तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की तत्परता के कारण 35 बच्चों की जान बच गई और एक बड़ा हादसा टल गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed