खूंटी गैंगरेप के आरोपियों पर कार्रवाई करने से बिगड़े हालात, भाजपा सांसद के घर से तीन गार्ड अगवा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खूंटी Updated Wed, 27 Jun 2018 02:13 PM IST
Khunti Gangrape: Clashes arises between pathalgarhi supports and police force
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झारखंड की राजधानी रांची से लगभग चालीस किलोमीटर दूर खूंटी जिले में स्थानीय सांसद करिया मुंडा के निवास पर हमला बोलकर मंगलवार को उनके तीन अंगरक्षकों को हथियार समेत अपहृत करने वाले पत्थलगड़ी समर्थकों पर आखिरकार आज तड़के पुलिस प्रशासन ने आंसू गैस के गोले छोड़कर कार्रवाई प्रारंभ की और पारंपरिक हथियारों और ईंट पत्थर से हमले कर रहे लोगों पर जब पुलिस ने लाठीचार्ज प्रारंभ किया तो मौके से अधिकतर ग्रामीण भाग निकले लेकिन पुलिस को अपने अपहृत सिपाहियों का अब तक पता नहीं चल सका है।
झारखंड पुलिस के प्रवक्ता अपर पुलिस महानिदेशक आर के मलिक ने बताया कि खूंटी के घाघरा में पुलिस और प्रशासन ने रात भर ग्रामीणों को समझाने बुझाने का प्रयास किया लेकिन उनके न मानने और अपहृत जवानों को रिहा न करने पर पुलिस ने आज तड़के कार्रवाई प्रारंभ की। उन्होंने बताया कि अभी कार्रवाई जारी है और क्षेत्र में पत्थलगड़ी की आड़ में गुंडागर्दी कर रहे लोगों पर नकेल कसी जायेगी तथा कानून का राज कायम किया जायेगा। उन्होंने बताया कि पुलिस की कार्रवाई जारी है और जल्द ही स्थिति नियंत्रण में होगी। मौके पर भारी संख्या में सशस्त्र पुलिस बल और खूंटी के पुलिस अधीक्षक तथा उपायुक्त कल शाम से स्वयं उपस्थित हैं।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने कल जब पत्थलगड़ी के स्वयंभू नेता युसूफ पूर्ति के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट तामील करने की कार्रवाई प्रारंभ की तभी लोगों ने विरोध करने की कोशिश की। पूर्ति तो भारी संख्या में पुलिस बल देख मौके से फरार हो गया लेकिन उसके घर के एक सामान की कुर्की-जब्ती की गयी। मलिक ने बताया कि उसके भड़काने पर पत्थलगड़ी समर्थक कुछ और गुंडों ने घाघरा इलाके में कल पत्थलगड़ी की कोशिश की लेकिन उनके इस प्रयास को रोकने के लिए जब बड़ी संख्या में सुरक्षा बल वहां पहुंचे तो पत्थलगड़ी समर्थकों ने उग्र होकर पुलिस के खिलाफ मोर्चेबंदी कर ली और अनिगड़ा-चांदी डीह इलाके में कल दोपहर उन्होंने स्थानीय सांसद करिया मुंडा के निवास पर हमला बोलकर उनके तीन अंगरक्षकों को हथियार समेत अपहृत कर लिया। इस दौरान वहां स्थानीय सांसद मौजूद नहीं थे।

कल रात पुलिस ने अपने अपहृत जवानों की स्थिति का पता लगा लिया था और ग्रामीणों से उन्हें छोड़ने की अपील की थी लेकिन उनके साथ एकत्रित गुंडों ने पुलिस प्रशासन पर ही अपनी शर्तें मानने का दबाव बनाना प्रारंभ कर दिया। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार पत्थलगड़ी समर्थक पुलिस द्वारा हिरासत में लिये गये अपने कुछ लोगों की रिहाई की मांग कर रहे थे और कह रहे थे कि उनकी रिहाई पर ही सांसद के अंगरक्षकों को छोड़ा जायेगा। कल रात ही पुलिस प्रशासन ने इन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी कर ली थी। पुलिस ने बताया कि राज्य सरकार की विकास की नीति के खिलाफ कुछ उग्रवादी तथा स्थानीय ईसाई मिशनरियां एकजुट होकर स्थानीय आदिवासियों को भड़का रही हैं और खूंटी में गांवों के बाहर पत्थर गाड़ कर उस पर स्थानीय प्रशासन के प्रवेश को निषिद्ध करने की बात लिख रही हैं। प्रशासन के लोगों के गांवों के भीतर जाने पर ये गुंडे गरीब आदिवासियों को एकजुट कर उन पर हमला कर देते हैं।

पुलिस ने बताया कि इन्हीं पत्थलगड़ी समर्थकों और ईसाई मिशनरी के लोगों ने मिलकर 19 जून को खूंटी में एक ईसाई मिशनरी में नुक्कड़ नाटक कर रहे समूह की पांच युवतियों का अपहरण कर उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और अप्राकृतिक यौनाचार किया। पुलिस ने उक्त मामले में मिशन के एक पादरी समेत तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है और छह अन्य की तलाश कर रही है। जहां इसाई मिशनरियों ने इस नृशंस कांड पर चुप्पी साध रखी है वहीं रविवार को रांची में एक संवाददाता सम्मेलन कर स्थानीय मीडिया से एक बिशप ने कहा कि पुलिस जानबूझ कर बदनीयत से उनके साथियों को फंसा रही है। पुलिस ने इन आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि वह बलात्कार के आरोपियों के खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई कर रही है।

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