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झारखंड भी मांगेगा विशेष राज्य का दर्जा
रांची/इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 27 Dec 2012 11:12 AM IST
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नेशनल डेवलपमेंट काउंसिल (एनडीसी) की आज होने वाली बैठक में झारंखड को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की जायेगी। राज्य सरकार पहले से ही इसके लिए प्रयास कर रही है। इसके अलावा दिल्ली में होने वाली इस बैठक में राज्य से जुड़े अन्य मुद्दे भी उठाये जायेंगे।
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राज्य सरकार बैठक में 12वीं पंचवर्षीय योजना के लिए योजना आकार 106536 करोड़ रूपये करने और राज्य के लिए विशेष पैकेज देने की मांग करेगी। साथ ही नयी राजधानी, कौशल विकास और ग्रामीण विद्युतीकरण के लिए 4300 करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता की भी मांग की जायेगी। बैठक में सरकार विकास के मानकों के राष्ट्रीय औसत के मुकाबले झारखंड के पीछे होने संबंधी आंकड़ा बताते हुए झारखंड को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग करेगी।
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सरकार का कहना है कि 11 वीं पंचवर्षीय योजना (2007-12) के लिए निर्धारित 44713 करोड़ रुपये के योजना आकार में से 37551 करोड़ रुपये राशि खर्च ही की गयी है। इस वित्तीय उपलब्धी के आधार पर 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि (2012-17) में राज्य का योजना आकार 106536 करोड़ रुपये होना चाहिए।
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बैठक में राज्य की ओर से प्रति व्यक्ति आय की गणना में खनिजों के वास्तविक मूल्य को नहीं जोड़ने की मांग भी की जायेगी। इससे प्रति व्यक्ति आय का सही आंकड़ा प्राप्त होने की बात कही जा रही है। अभी राज्य को इससे सिर्फ रॉयल्टी के रूप में पैसे मिलते है। रॉयल्टी के मुकाबले खनिजों का वास्तविक मूल्य 100 गुना ज्यादा होता है। ऐसी स्थिति में राज्य के सकल घरेलू उत्पाद वास्तविक मूल्य जोड़ने से प्रति व्यक्ति आय का आंकड़ा बढ़ जाता है, जो जमीनी हकीकत नहीं है।