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Jharkhand: मणिपुर से निकाले गए झारखंड के 22 छात्र घर लौटे; अन्य को वापस लाने की कोशिशें जारी

Tue, 09 May 2023 08:09 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Tue, 09 May 2023 08:09 PM IST
सार

मणिपुर में बीते दिन बुधवार को आदिवासियों और बहुसंख्यक मेइती समुदाय के लोगों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें हजारों लोग विस्थापित हुए। अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में 10 पहाड़ी जिलों में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' आयोजित किए जाने के बाद झड़पें हुईं।

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Jharkhand students evacuated from Manipur returning home Latest News Update
झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन। - फोटो : ANI

विस्तार

हिंसा प्रभावित मणिपुर से निकाले गए झारखंड के 22 छात्रों को घर वापस लाया गया। छात्र पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, बोकारो, धनबाद और रांची के रहने वाले हैं। एक अधिकारी ने बताया कि मणिपुर में फंसे पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, बोकारो, धनबाद और रांची के 22 छात्रों को पटना के जयप्रकाश नारायण हवाई अड्डे पर सुरक्षित लाया गया। छात्र वहां से अपने घर पहुंचे। उन्हें बस से झारखंड लाया गया।

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एक बयान में कहा गया है कि कंट्रोल रूम के साथ कुल 34 छात्रों की सूची साझा की गई थी। ये सभी विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र हैं। 34 छात्रों में से 22 का टिकट श्रम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से किया गया था। शेष छात्रों को निकालने की प्रक्रिया भी की जा रही है।
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राज्य कांग्रेस ने सोमवार को मणिपुर में फंसे झारखंड के 10 छात्रों की सूची राज्य सरकार को सौंपी। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने सोमवार को कहा था कि पिछले कुछ दिनों में पूर्वोत्तर राज्य में जातीय हिंसा में 60 लोग मारे गए और 231 घायल हुए। धार्मिक स्थलों सहित 1,700 घरों को भी नुकसान पहुंचाया गया है।
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मणिपुर में बीते दिन बुधवार को आदिवासियों और बहुसंख्यक मेइती समुदाय के लोगों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें हजारों लोग विस्थापित हुए। अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में 10 पहाड़ी जिलों में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' आयोजित किए जाने के बाद झड़पें हुईं। मेइती मणिपुर की आबादी का लगभग 53 प्रतिशत हैं और ज्यादातर इंफाल घाटी में रहते हैं।

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