पंचायत का फैसला, रोज नहाए तो देना पड़ेगा जुर्माना
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झारखंड के सगमा इलाके में ग्राम पंचायत का एक अजीबोगरीब फैसला सामने आया है। जहां पानी की किल्लत से जूझते ग्रामीणों ने रोज नहाने पर पाबंदी लगाने का फैसला किया है।
आदिवासी बहुल इस इलाके में पानी की किल्लत इस कारण है कि रोज मारपीट की नौबत आती रहती है। मामला झारखंड के सगमा ब्लाक के कटहर गांव का है। भीषण गर्मी में क्षेत्र के लोग पानी की कमी से जूझ रहे हैं, आलम ये है कि लोगों को पीने के पानी के लिए भी घंटों लाइन में लगना पड़ता है।
असल में गांव में दो ही नल हैं जिनसे पूरे गांव में पानी की आपूर्ति होती है। इसके चलते नलों पर लंबी लाइन रहती है और जल्दी पानी भरने के चक्कर में लोग एक दूसरे से लड़ते झगड़ते रहते हैं। यहां आदिवासियों के 100 के आसपास घर हैं।
भीषण गर्मी में पानी की किल्लत से जूझ रहा है गांव
जिनकी पानी की पूर्ति मात्र इन दो नलों से ही होती है। लोग मवेशियों को पिलाने से लेकर घर के सभी कामों के लिए पानी यहीं से ले जाते हैं। ऐसे में लगातार बढ़ती पानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने पंचायत कर फैसला लिया कि गांव का कोई भी व्यक्ति रोजाना नहीं नहाएगा।
हर व्यक्ति को एक दिन छोड़कर नहाना होगा, जिससे पानी की बचत हो सकेगी। फैसले को सख्ती से लागू कराने के लिए जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है। इसके अलावा कुछ ग्रामीणों की एक समिति बनाई गई है जो इस बात पर निगाह रखेगी की कोई रोज नहा तो नहीं रहा है।
जो भी व्यक्ति रोजाना नहाता पकड़ा गया उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। हालांकि पंचायत के इस फैसले से कुछ ग्रामीणों में नाराजगी भी है।