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Jharkhand: उत्तराखंड के लिए तीन सदस्यीय टीम रवाना, सुरंग में फंसे मजदूरों के बचाव कार्यों की करेंगे समीक्षा
Tue, 14 Nov 2023 11:27 AM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Tue, 14 Nov 2023 11:27 AM IST
सार
उत्तराखण्ड के उत्तरकाशी जिले में स्थित निर्माणाधीन सुरंग में फंसे मजूदरों के बचाव कार्य की समीक्षा करने के लिए झारखण्ड सरकार ने तीन सदस्यीय टीम को रवाना किया है। झारखण्ड मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने फंसे सभी मजदूरों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
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उत्तरकाशी टनल में फंसे मजदूर
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
उत्तराखण्ड के उत्तरकाशी जिले में स्थित निर्माणाधीन सुरंग में 40 मजदूर फंस गए हैं। जिसके बाद से लगातार उन्हें निकालने के प्रयास जारी है। इसी बीच झारखण्ड सरकार ने बचाव कार्य की समीक्षा के लिए एक टीम भेजी है। झारखण्ड सरकार के अधिकारियों की तीन सदस्यीय टीम उत्तराखण्ड के लिए रवाना हो गई है। एक अधिकारी ने मामले की जानकारी दी।
मुख्यंत्री हेमंत सोरेन के आदेश पर जेएपी-आईटी के सीईओ भुवनेश प्रताप सिंह और संयुक्त श्रम आयुक्त राजेश प्रसाद समेत तीन अधिकारी उत्तराखण्ड के लिए रवाना हो गए हैं। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि सुरंग में फंसे श्रमिकों के बचाव के लिए चल रहे कार्य में मदद करेंगे। वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सुरंग में फंसे सभी मजदूरों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
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60 मीटर दायरे में आए भारी मलबे से बंद है सुरंग
बीते रविवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे सिलक्यारा सुरंग के मुहाने से करीब 230 मीटर अंदर भारी भूस्खलन हुआ था, जिससे सुरंग बंद हो गई थी। इससे सुरंग की खोदाई में लगे 40 मजदूर वहीं अंदर फंस गए थे। घटना की सूचना के बाद से पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी के करीब 150 से अधिक जवान राहत एवं बचाव कार्य में लगे हुए हैं। सीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि सोमवार साढ़े दस बजे तक करीब 25 मीटर तक मलबा हटाया गया। लेकिन मलबा गिरना बंद नहीं हो रहा है। मलबे को सीमेंट के जरिए रोककर हटाया जा रहा है। पहले भूर-भूरा से मलबा आ रहा था अब हार्ड चट्टानी मलबा व बोल्डर आ रहे हैं। इसे देखकर लग रहा है कि अब मलबा आना बंद हो सकता है।
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मुख्यंत्री हेमंत सोरेन के आदेश पर जेएपी-आईटी के सीईओ भुवनेश प्रताप सिंह और संयुक्त श्रम आयुक्त राजेश प्रसाद समेत तीन अधिकारी उत्तराखण्ड के लिए रवाना हो गए हैं। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि सुरंग में फंसे श्रमिकों के बचाव के लिए चल रहे कार्य में मदद करेंगे। वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सुरंग में फंसे सभी मजदूरों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
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60 मीटर दायरे में आए भारी मलबे से बंद है सुरंग
बीते रविवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे सिलक्यारा सुरंग के मुहाने से करीब 230 मीटर अंदर भारी भूस्खलन हुआ था, जिससे सुरंग बंद हो गई थी। इससे सुरंग की खोदाई में लगे 40 मजदूर वहीं अंदर फंस गए थे। घटना की सूचना के बाद से पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी के करीब 150 से अधिक जवान राहत एवं बचाव कार्य में लगे हुए हैं। सीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि सोमवार साढ़े दस बजे तक करीब 25 मीटर तक मलबा हटाया गया। लेकिन मलबा गिरना बंद नहीं हो रहा है। मलबे को सीमेंट के जरिए रोककर हटाया जा रहा है। पहले भूर-भूरा से मलबा आ रहा था अब हार्ड चट्टानी मलबा व बोल्डर आ रहे हैं। इसे देखकर लग रहा है कि अब मलबा आना बंद हो सकता है।