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Jharkhand News: 'सरना धर्म को पहचान दो', कांग्रेस का 26 मई को राजभवन का घेराव
Sat, 24 May 2025 07:05 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Sat, 24 May 2025 07:05 PM IST
सार
कांग्रेस पार्टी सोमवार (26 मई) को राजभवन के बाहर प्रदर्शन करेगी। यह प्रदर्शन सरना धर्म को मान्यता दिलाने की मांग को लेकर किया जाएगा। इसकी जानकारी कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने दी।
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सांसद सुखदेव भगत
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कांग्रेस पार्टी सोमवार (26 मई) को राजभवन के बाहर प्रदर्शन करेगी। यह प्रदर्शन सरना धर्म को मान्यता दिलाने की मांग को लेकर किया जाएगा। इसकी जानकारी कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने दी। सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि सरना धर्म को देश की अगली जनगणना में जगह मिलनी चाहिए, क्योंकि यह धर्म आदिवासियों की आस्था, परंपरा और पहचान से जुड़ा है। उन्होंने कहा, "यह आदिवासियों की बहुत पुरानी मांग है, लेकिन भाजपा सरकार इस पर कुछ नहीं बोल रही है।"
भगत ने बताया कि देश में लगभग 15 करोड़ आदिवासी रहते हैं, जो प्रकृति की पूजा करते हैं, लेकिन जनगणना में उनके धर्म के लिए अलग कॉलम नहीं होता। जनगणना में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, सिख, जैन और बौद्ध धर्म के लिए कॉलम बने होते हैं, लेकिन आदिवासी धर्म को अब तक अलग पहचान नहीं दी गई है।
यह भी पढ़ें: 'झारखंड में हुए शराब घोटाले की सीबीआई जांच हो' पूर्व सीएम रघुवर दास की मांग; सीएम सोरेन पर बिफरे
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उन्होंने कहा, "देश में सिर्फ 40 लाख जैन हैं, फिर भी उनके लिए कॉलम है, लेकिन करोड़ों आदिवासियों के लिए नहीं।" सुखदेव भगत ने तंज कसते हुए कहा, "सरकार बाघों की गिनती करती है, लेकिन आदिवासियों की नहीं करना चाहती इसीलिए उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि आगामी जनगणना में सरना धर्म को अलग से शामिल किया जाए।" गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी, झारखंड में झामुमो (JMM) के नेतृत्व वाले गठबंधन सरकार का हिस्सा है।
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भगत ने बताया कि देश में लगभग 15 करोड़ आदिवासी रहते हैं, जो प्रकृति की पूजा करते हैं, लेकिन जनगणना में उनके धर्म के लिए अलग कॉलम नहीं होता। जनगणना में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, सिख, जैन और बौद्ध धर्म के लिए कॉलम बने होते हैं, लेकिन आदिवासी धर्म को अब तक अलग पहचान नहीं दी गई है।
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उन्होंने कहा, "देश में सिर्फ 40 लाख जैन हैं, फिर भी उनके लिए कॉलम है, लेकिन करोड़ों आदिवासियों के लिए नहीं।" सुखदेव भगत ने तंज कसते हुए कहा, "सरकार बाघों की गिनती करती है, लेकिन आदिवासियों की नहीं करना चाहती इसीलिए उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि आगामी जनगणना में सरना धर्म को अलग से शामिल किया जाए।" गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी, झारखंड में झामुमो (JMM) के नेतृत्व वाले गठबंधन सरकार का हिस्सा है।