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Jharkhand News: शराब घोटाले में बड़ा खुलासा, IAS विनय चौबे गिरफ्तार, एसीबी ने कसा शिकंजा
Tue, 20 May 2025 03:15 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Tue, 20 May 2025 03:15 PM IST
सार
झारखंड के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे को शराब घोटाले में कथित संलिप्तता के आरोप में एंटी करप्शन ब्यूरो ने हिरासत में लिया है। बता दें कि वर्तमान में वे पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव हैं।
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IAS विनय चौबे को एसीबी ने लिया हिरासत में
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
झारखंड के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे को शराब घोटाले में कथित संलिप्तता के आरोप में एंटी करप्शन ब्यूरो ने गिरफ्तार किया है। वे अभी पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव हैं और पहले झारखंड के उत्पाद विभाग के सचिव भी रह चुके हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 2022 में झारखंड में बनी नई शराब नीति से जुड़ा है। आरोप है कि इस नीति में कुछ बदलाव ऐसे किए गए, जिससे छत्तीसगढ़ के शराब सिंडिकेट के लोगों को फायदा मिला। छत्तीसगढ़ के अधिकारी और व्यापारी मिलकर झारखंड में शराब की सप्लाई, काम करने वाले लोगों की व्यवस्था और होलोग्राम सिस्टम के ठेके हासिल किए। इससे राज्य सरकार को आर्थिक नुकसान हुआ और अवैध कमाई हुई।
यह भी पढ़ें: GPO फिलैटली ब्यूरो में मौजूद डाक विभाग की दो ऐतिहासिक पुस्तकें, लोगों के लिए उपलब्ध; बिहार से नाता
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शुरू हुई जांच
इस मामले में छत्तीसगढ़ की एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने एफआईआर दर्ज की, जिसमें विनय चौबे और कुछ अन्य अधिकारियों के नाम थे। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में कई जगह छापा मारा और दस्तावेज जब्त किए। अब छत्तीसगढ़ की एसीबी ने झारखंड सरकार से विनय चौबे और गजेंद्र सिंह के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी मांगी है।
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क्या है पूरा मामला?
यह मामला 2022 में झारखंड में बनी नई शराब नीति से जुड़ा है। आरोप है कि इस नीति में कुछ बदलाव ऐसे किए गए, जिससे छत्तीसगढ़ के शराब सिंडिकेट के लोगों को फायदा मिला। छत्तीसगढ़ के अधिकारी और व्यापारी मिलकर झारखंड में शराब की सप्लाई, काम करने वाले लोगों की व्यवस्था और होलोग्राम सिस्टम के ठेके हासिल किए। इससे राज्य सरकार को आर्थिक नुकसान हुआ और अवैध कमाई हुई।
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शुरू हुई जांच
इस मामले में छत्तीसगढ़ की एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने एफआईआर दर्ज की, जिसमें विनय चौबे और कुछ अन्य अधिकारियों के नाम थे। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में कई जगह छापा मारा और दस्तावेज जब्त किए। अब छत्तीसगढ़ की एसीबी ने झारखंड सरकार से विनय चौबे और गजेंद्र सिंह के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी मांगी है।