झारखंड: भूख से 11 साल की बच्ची ने तोड़ा दम, रामविलास पासवान ने दिए जांच के आदेश
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झारखंड में भूख के कारण 11 साल की बच्ची की मौत के मामले में केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने जांच के आदेश दे दिए हैं। गौरतलब है कि सिमडेगा जिले में भूख के कारण 11 साल की बच्ची की मौत के बाद हंगामा मचा है। मामला सामने आने के बाद राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने अधिकारियों पर इसका ठीकरा फोड़ दिया है। रॉय ने बताया कि मुख्य सचिव राजबाला वर्मा द्वारा जारी किया गया आदेश भ्रम पैदा करने वाला था।
उन्होंने कहा कि मैंने 5 अप्रैल को अधिकारियों को लिखित निर्देश दिया था कि कोई भी राशन कार्ड आधार से लिंक न हो पाने की स्थिति में कैंसल न हो। सुप्रीम कोर्ट ने भी ऐसा ही आदेश दिया था। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव के आदेश के बाद भ्रम पैदा हुआ, जिसके चलते कुछ नाम सामने आए, जिनके राशन कार्ड कैंसल हो गए।
Food&Public Distribution Min RV Paswan directs Secy,Food&Public Distribution to probe alleged starvation death of girl in Simdega #Jharkhand
— ANI (@ANI) October 18, 2017
हालांकि मंत्री ने एक रिपोर्ट का दावा करते हुए कहा कि बच्ची की मौत का कारण भूख नहीं बल्कि मलेरिया है। वहीं लड़की के परिवार का साथ दे रहे कुछ सामाजिक संगठनों का दावा है कि उनके पास राशन कार्ड था जिसको वह आधार कार्ड से लिंक नहीं करवा पाए थे। इसके बाद उसे कैंसल कर दिया गया। नतीजतन परिवार को राशन नहीं मिल सका और भूख से बच्ची की मौत हो गई।
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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक रॉय ने बताया कि प्रारंभिक जांच में बच्ची की मौत की वजह मलेरिया सामने आई है। हालांकि ये वजह अभी साफ नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने अधिकारियों को जांच के आदेश दिए हैं कि किसी का भी राशन कार्ड आधार से लिंक न होने के कारण निरस्त न हो। साथ ही यह भी कहा गया है कि जितने राशन कार्ड कैंसल हुए हैं उनकी रिपोर्ट भी तैयार की जाए।
दुर्गापूजा में स्कूल बंद हो गए और बच्ची को खाना नहीं मिला
बता दें कि घटना सिमडेगा जिले के करिमति गांव की है, जहां 28 सितंबर को 11 साल की बच्ची संतोषी की मौत हुई थी। संतोषी की मां ने मीडिया को बताया कि उनको फरवरी से राशन नहीं मिल रहा था और तब से उनका पूरा परिवार बड़ी मुश्किल से गुजर-बसर कर रहा था।
स्कूल जाने की वजह से बच्ची को एक वक्त का खाना मिड डे मील से मिलता था, लेकिन सितंबर के अंत में दुर्गापूजा की वजह से स्कूल बंद हो गए और इसी बीच उसकी मौत हो गई। इलाके के विकास अधिकारी संजय कुमार ने यह तो माना कि परिवार का राशन कार्ड कैंसल हो गया था, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि संतोषी की मौत भूख से नहीं बल्कि मलेरिया की वजह से हुई थी।
वहीं बच्ची की मां ने बताया था कि संतोषी के पेट में दर्द और ऐंठन हुई थी जिसके 24 घंटे के अंदर उसकी मौत हो गई थी। फिलहाल मौत की असल वजह का पता नहीं लग सका है लेकिन 'आरोपी' आधार कार्ड को ही बताया जा रहा है।