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झारखंड: लाउडस्पीकर विवाद के बीच सोरेन सरकार के मंत्री का बेतुका बयान, जानें क्या कहते हुए केंद्र पर लगाए गंभीर आरोप?
Thu, 28 Apr 2022 03:37 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 28 Apr 2022 03:37 PM IST
सार
अल्पसंख्य कल्याण के साथ ही खेल और पर्यटन मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हफिजुल हसन पहले भी विवादास्पद बयानों के चलते सुर्खियों में रहे हैं। जब केंद्र की मोदी सरकार ने लड़कियों की शादी की उम्र बढ़ाने का फैसला किया था, तब भी उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार को लड़कियों की शादी की उम्र बढ़ाने की बजाय उनकी शादी की उम्र कम करनी चाहिए।
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हफीजुल हसन अंसारी (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
देशभर में चल रहे लाउडस्पीकर विवाद के बीच झारखंड की सोरेन सरकार के मंत्री की बेतुका बयान सामने आया है। बयान राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन ने दिया है। हसन ने केंद्र सरकार पर धर्म विशेष के साथ भेदभाव करने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अगर आप 80 फीसदी हो, तो हम भी 20 फीसदी हैं। अगर हमें परेशान किया गया तो 80 फीसदी लोगों को भी भी अपने घरों के दरवाजे बंद करने होंगे।
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मीडिया से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि देश में जो कुछ भी हो रहा है, हमें सब पता है। हमें सब दिख रहा है। धर्म विशेष के खिलाफ केंद्र सरकार भेदभावपूर्ण रवैया अपनाए हुए है। इससे किसी एक की नहीं, बल्कि सभी का नुकसान हो रहा है। अगर हम 20 फीसदी हैं, तो आप 70 या 80 फीसदी हो। अगर 20 फीसदी घर बंद होंगे, तो 70 फीसदी को भी अपना घर बंद करना होगा। यह चीज सबको समझ में आ गई है।
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अल्पसंख्य कल्याण के साथ ही खेल और पर्यटन मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हफिजुल हसन पहले भी विवादास्पद बयानों के चलते सुर्खियों में रहे हैं। जब केंद्र की मोदी सरकार ने लड़कियों की शादी की उम्र बढ़ाने का फैसला किया था, तब भी उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार को लड़कियों की शादी की उम्र बढ़ाने की बजाय उनकी शादी की उम्र कम करनी चाहिए।
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मुधुपुर विधानसभा सीट से विधायक ने इसके पीछे यह दलील दी थी कि लड़कियों का शारीरिक विकास लड़कों की अपेक्षा अधिक तेजी से होता है। इसे देखते हुए शादी की उम्र घटाकर 16 साल कर देनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि शादी की आयु कम न हो, तो कम से कम इसे 18 साल ही रहने दिया जाए।