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नाबालिग छात्र वाहन लेकर स्कूल गए तो रद्द होगा एडमिशन, झारखंड सरकार का आदेश
Tue, 30 Jul 2019 01:43 PM IST
अजय सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: अजय सिंह
Updated Tue, 30 Jul 2019 01:43 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : social media
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झारखंड सरकार के शिक्षा सचिव एपी सिंह और परिवहन सचिव टोप्पो ने संयुक्त रूप से कहा है कि अगर कोई विद्यार्थी गलती से भी गाड़ी लेकर विद्यालय पहुंचता है तो विद्यालय प्रशासन को उसका नामांकन रद्द करने का पूरा अधिकार होगा।
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इस योजना को सख्ती से लागू करने के लिए राज्य सरकार ने विद्यालयों से कहा है कि वे बच्चों का दाखिला लेते समय ही अभिभावकों से शपथ पत्र ले जिसमें वह इस बात का आश्वासन दे कि वे 18 वर्ष से कम उम्र और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के अपने बच्चों को गाड़ी नहीं चलाने देंगे।
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विद्यालयों को आदेश दिया गया है कि वे ऐसे विद्यार्थियों का नामांकन रद्द करने के लिए नियम बनाए। विद्यालयों को चेताया गया है कि लापरवाही बरतने पर उनपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस योजना के दायरे में सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य पर्षदों से मान्यता प्राप्त और प्रशासनिक नियंत्रण वाले विद्यालय शामिल होंगे।
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नियम तोड़ने वाले विद्यालयों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे। पहली बार विद्यालय प्रबंधन को जिला सुरक्षा समिति के निर्देशों का उल्लंघन करने पर चेतावनी पत्र दिया जाएगा। दूसरी बार उसी विद्यालय प्रबंधन की बस में गड़बड़ी मिलती है तो वह जब्त होगा। तीसरी बार गलती करने पर संबद्धता वापस करने की कार्रवाई उपायुक्त की अध्यक्षता में डीईओ के जरिए की जाएगी।
दुर्घटना से बचने के लिए विद्यालय की बसों का मार्ग अब विद्यालय प्रबंधन और सड़क सुरक्षा समिति मिलकर तय करेंगे। जिन सड़कों पर भीड़ अपेक्षाकृत कम हो और विद्यालयों के समय में ट्रैफिक का दबाव कम रहे, उन रास्तों से विद्यालय की बसों को ले जाने पर निर्णय लिया जाएगा।