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लालू की जमानत याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट ने सीबीआई से मांगा जवाब

Fri, 21 Jun 2019 02:28 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: Sneha Baluni Updated Fri, 21 Jun 2019 02:28 PM IST
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jharkhand highcourt  seeks reply from CBI on lalu prasad yadav bail petition
लालू प्रसाद यादव (फाइल फोटो)

चारा घोटाला मामले में जेल की सजा काट रहे राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने झारखंड उच्च न्यायालय में जमानत अर्जी दाखिल की है। उनकी याचिका पर अदालत ने सीबीआई से पांच जुलाई तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। यह याचिका लालू ने चारा घोटाले के देवघर कोषागार से अवैध निकासी के मामले में दायर की है। उन्होंने आधी सजा काट लेने को आधार बनाया है।

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लालू ने 13 जून को चारा घोटाले के देवघर कोषागार से अवैध निकासी मामले में हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। 
उन्हें इस मामले में सीबीआई अदालत ने साढ़े तीन साल की सजा सुनाई है। वह इस मामले में डेढ़ साल से जेल में हैं। वह करीब आधी सजा काट चुके हैं। इसी आधार पर लालू ने जमानत याचिका दायर की है।
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इस मामले में सीबीआई ने पहले ही एक याचिका दायर की हुई है। जिसमें कहा गया है कि सीबीआई कोर्ट ने देवघर कोषागार मामले में लालू को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई है जोकि कम है। इस मामले के अन्य दोषियों को पांच साल तक की सजा सुनाई गई है। सीबीआई ने उच्च न्यायालय से लालू की सजा को बढ़ाने का अनुरोध किया है। फिलहाल सीबीआई की याचिका लंबित है और इस पर सुनवाई होनी बाकी है।
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इससे पहले 10 अप्रैल को उच्चतम न्यायालय ने लालू की जमानत याचिका रद्द कर दी थी। लालू ने स्वास्थ्य के आधार पर जमानत की मांग की थी। दरअसल, झारखंड हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद लालू ने उच्चतम न्यायालय  का दरवाजा खटखटाया था।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने कहा था कि वह लालू को जमानत पर रिहा करने की इच्छुक नहीं हैं। पीठ ने लालू के 24 महीनों से जेल में होने की दलीलों को खारिज कर दिया और कहा कि उन्हें दी गई 14 साल के जेल की सजा की तुलना में 24 महीने कुछ भी नहीं हैं।


लालू की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा था कि कोई बरामदगी नहीं और कोई मांग नहीं की गई और एकमात्र बड़ा अपराध जिसके तहत उन्हें दोषी ठहराया गया, वह आपराधिक साजिश का था। पीठ ने कहा कि मामले के गुण-दोष पर निर्णय न्यायालय करेगा। पीठ ने कहा था, 'इस समय हम केवल जमानत अपील पर सुनवाई कर रहे हैं।

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