{"_id":"64651b574c877f43c90491f8","slug":"jharkhand-high-court-seeks-report-on-ranchi-violence-2023-05-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jharkhand: रांची हिंसा पर हाईकोर्ट सख्त, दोषियों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर मांगी रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jharkhand: रांची हिंसा पर हाईकोर्ट सख्त, दोषियों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर मांगी रिपोर्ट
Thu, 18 May 2023 12:06 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 18 May 2023 12:06 AM IST
सार
मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति आनंद सेन की खंडपीठ ने पंकज यादव द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की।
विज्ञापन
झारखंड हाईकोर्ट
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पिछले साल जून में झारखंड की राजधानी में हुई हिंसा को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने बुधवार को रिपोर्ट मांगी। न्यायालय ने सरकार को मामले में दोषियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया।
विज्ञापन
पैगंबर मोहम्मद के बारे में भाजपा के दो निलंबित प्रवक्ताओं द्वारा की गई टिप्पणियों को लेकर पिछले साल 10 जून को रांची में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों में दो लोगों की मौत हो गई थी और सुरक्षाकर्मियों सहित कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस पर मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति आनंद सेन की खंडपीठ ने पंकज यादव द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की।
विज्ञापन
पीठ के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होने के पूर्व के निर्देश के अनुपालन में गृह सचिव वंदना दादेल और पुलिस महानिदेशक अजय कुमार सिंह अदालत में उपस्थित हुए। कोर्ट ने अधिकारियों को हलफनामे के जरिए मामले में की गई जांच की स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया। पीठ ने निर्देश दिया कि हलफनामे में पुलिस अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी के विवरण को हलफनामे में उजागर किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
पंकज यादव के वकील राजीव कुमार ने अदालत को सूचित किया कि भीड़ ने 10 जून, 2022 को रांची के मेन रोड और आस-पास के इलाकों में पथराव किया, कारों को तोड़ा और मंदिरों में तोड़फोड़ की। भीड़ ने पुलिस पर भी हमला किया, जिसे जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी और गोलियां चलानी पड़ीं।
खंडपीठ ने राज्य सरकार से एक संभावित खुफिया चूक और पुलिस कर्मियों के खिलाफ पत्थर कैसे इकट्ठा किए गए और इसका इस्तेमाल किया, इस पर सवाल किया। वहीं अब दोषियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।