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चारा घोटाले में लालू यादव को मिली जमानत लेकिन अभी जेल में ही रहना होगा
Fri, 12 Jul 2019 02:51 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: Sneha Baluni
Updated Fri, 12 Jul 2019 02:51 PM IST
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लालू प्रसाद यादव (फाइल फोटो)
राष्ट्रीय जनता दल के मुखिया और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को झारखंड उच्च न्यायालय ने चारा घोटाले के एक मामले में जमानत दे दी है। उन्हें देवघर कोषागार मामले में जमानत मिली है। हालांकि उन्हें चाईबासा-दुमका कोषागार मामले में जमानत नहीं मिली है। अब इस मामले में मिली जमानत को आधार बनाकर उनके वकील चाईबासा-दुमका कोषागार में जमानत की याचिका दायर करेंगे।
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Jharkhand High Court grants bail to RJD leader Lalu Prasad Yadav in the fodder scam case relating to Deoghar treasury. (File pic) pic.twitter.com/wWYloD6bew
— ANI (@ANI) July 12, 2019विज्ञापन
लालू को बेशक एक मामले में अदालत से राहत मिली है लेकिन चारा घोटाले के अन्य दो मामलों में उन्हें जमानत नहीं मिली है। जिसका मतलब है कि जमानत मिलने के बावजूद उन्हें जेल के अंदर ही रहना होगा। यदि अन्य दो मामलों में अदालत उनकी जमानत मंजूर करती है तो वह जेल से बाहर आ जाएंगे।
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लालू की तरफ से इस मामले में सजा की आधी अवधि गुजर जाने को आधार बनाकर जमानत याचिका दायर की गई थी। जिसपर सुनवाई करते हुए अदालत ने उन्हें 50-50 हजार के निजी मुचलके पर जमानत प्रदान कर दी। अदालत ने उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करने का आदेश दिया है।
पांच जुलाई को सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की अदालत ने याचिकाकर्ता तो अपना पक्ष रखने का आदेश दिया गया था। सीबीआई ने अदालत में पहले ही अपना जवाब दाखिल कर दिया था। मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 जुलाई की तारीख तय की गई थी। लालू ने 13 जून को अदालत में जमानत याचिका दायर की थी।
देवघर कोषागार से लगभग 89 लाख 27 हजार रुपये की अवैध निकासी के मामले में 23 दिसंबर 2017 को अदालत ने दोषी ठहराया था। यह मामला चारा घोटाले से जुड़ा हुआ है। इस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई है। सजा की आधी अवधि लालू जेल में काट चुके हैं।
उच्चतम न्यायालय के अनुसार सजा की आधी अवधि जेल में काटने पर सजायाफ्ता कैदी को जमानत दी जा सकती है। इसे ही आधार बनाकर लालू ने झारखंड उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दाखिल की थी। बता दें कि अदालत ने लालू को दुमका केस में पांच जबकि चाईबासा मामले में सात साल की सजा सुनाई है।