झारखंड: गुमला के कामडरा में 23 हाथियों का उत्पात, छह दिनों से फसलें रौंद रहा झुंड; मुआवजे की मांग
गुमला के कामडरा प्रखंड में 23 जंगली हाथियों का झुंड छह दिनों से फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। वन विभाग की 10 सदस्यीय टीम निगरानी कर रही है। प्रभावित किसानों ने फसलों की बर्बादी के बदले मुआवजे की मांग की है।
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गुमला जिले के कामडरा प्रखंड स्थित कोड़ेकेड़ा के जंगलों में 23 जंगली हाथियों का झुंड पहुंच गया है। इस झुंड में पांच बच्चे भी शामिल हैं। पिछले छह दिनों से हाथियों का झुंड कामडरा क्षेत्र में फसलों को रौंद रहा है। इससे ग्रामीणों में दहशत है और वे रातभर जागकर अपनी फसलों और घरों की सुरक्षा करने को मजबूर हैं। बसिया वन प्रमंडल के अधिकारी शेखर सिंह ने बताया कि हाथियों का यह झुंड पिछले एक महीने से जिले के ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।
वन विभाग की टीम कर रही निगरानी
यह झुंड पहले पालकोट और बसिया क्षेत्र में था। वन विभाग ने इसे सिमडेगा की ओर खदेड़ा था। वहां हाथियों ने फसलों और मकानों को भारी नुकसान पहुंचाया था। उस दौरान वन विभाग की टीम ने झुंड से बिछड़े एक बच्चे को बचाकर वापस उसमें मिला दिया था।
करीब पांच-छह दिन पहले हाथियों का यह झुंड फिर कामडरा क्षेत्र में पहुंच गया। वन विभाग की 10 सदस्यीय टीम 24 घंटे हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है। टीम हाथियों को सारंडा जंगल की ओर भेजने का प्रयास कर रही है। विभाग ने ग्रामीणों को सुरक्षा और बचाव के लिए मशाल, पटाखे और टॉर्च भी उपलब्ध कराए हैं।
फसलों को भारी नुकसान, मुआवजे की मांग
हाथियों के झुंड ने कामडरा क्षेत्र में किसानों की केला, ईख, आलू, फूलगोभी, शकरकंद और धान की फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। इससे किसानों की मेहनत बर्बाद हो गई है। खेती पर निर्भर परिवारों के सामने आर्थिक संकट बढ़ने की आशंका है।
प्रभावित किसानों में लक्ष्मण ओहदार, बुधवा खड़िया, खिरोधर नाग, रामजीत नाग, सुजीत नाग और सनिका इंदवार सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं। फसलों की बर्बादी से परेशान किसानों ने सरकार और प्रशासन से नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है।