फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   Jharkhand HC pulls up state for not providing adequate infrastructure at RIMS

Jharkhand: सोरेन सरकार को झारखंड HC की फटकार, रिम्स में पर्याप्त बुनियादी ढांचा उपलब्ध न कराने पर लगाई लताड़

Tue, 23 Jul 2024 10:49 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: पवन पांडेय Updated Tue, 23 Jul 2024 10:49 PM IST
सार

झारखंड हाईकोर्ट में राज्य की झारखंड मुक्ति मोर्चा सरकार को रिम्स में पर्याप्त बुनियादी ढांचा उपलब्ध न कराने पर फटकार लगाई है। न्यायालय ने कहा कि यदि सरकार रिम्स में सुविधाएं और उपकरण उपलब्ध नहीं करा सकती है, तो उसे इसे बंद कर देना चाहिए।

विज्ञापन
Jharkhand HC pulls up state for not providing adequate infrastructure at RIMS
झारखंड हाईकोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

रांची में राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान को पर्याप्त बुनियादी ढांचा उपलब्ध न कराने पर झारखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि राज्य सरकार बार-बार अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में विफल रही है।
विज्ञापन


'ऐसा लगता है कि हम किसी विदेशी देश में हैं'
झारखंड हाईकोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि राज्य सरकार की तरफ से दायर हलफनामों और अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावों से ऐसा लगता है कि हम किसी विदेशी देश में हैं। हालांकि, वास्तविकता कुछ और ही है।
विज्ञापन


'सुविधाओं की कमी के कारण नर्सिंग होम जाने के मजबूर मरीज'
झारखंड न्यायालय ने कहा, रिम्स में सुविधाओं की कमी के कारण मरीज निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में जाने को मजबूर हैं। इनमें से अधिकांश चिकित्सा केंद्रों के पास क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत आवश्यक उचित लाइसेंस नहीं हैं। स्वास्थ्य सेवा के बजाय निजी अस्पताल धन की देखभाल में लिप्त हैं। बता दें कि रिम्स झारखंड सरकार के अधीन एक स्वायत्त संस्थान है।
विज्ञापन
विज्ञापन


झारखंड हाईकोर्ट ने सरकार से मांगी अपडेट रिपोर्ट
अदालत ने राज्य सरकार को एक अपडेट स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने और यह बताने का निर्देश दिया कि उचित लाइसेंस के बिना चल रहे अस्पतालों और नर्सिंग होम के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।


मामले में दो हफ्ते बाद फिर होगी सुनवाई
बता दें कि न्यायमूर्ति रोंगोन मुखोपाध्याय और न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ज्योति शर्मा की तरफ से दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें रिम्स में बुनियादी ढांचे और सुविधाओं की कमी का आरोप लगाया गया था। फिलहाल इस मामले की सुनवाई दो हफ्ते बाद फिर होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed