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Hindi News ›   Jharkhand ›   MLA Cash Haul Case: Jharkhand High Court Holds Transfer Of FIR To Bengal Unwarranted

Jharkhand: 'एफआईआर को बंगाल में स्थानांतरित करना अनुचित', विधायक नकदी बरामदगी मामले में कोर्ट का फैसला

Sat, 04 Mar 2023 09:05 AM IST
अभिषेक दीक्षित पीटीआई, रांची
पीटीआई, रांची Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sat, 04 Mar 2023 09:05 AM IST
सार

अरगोड़ा थाने में कांग्रेस विधायक सिंह ने तीन विधायकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसे पश्चिम बंगाल स्थानांतरित कर दिया गया था। इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन बिक्सल कोंगारी ने मामले को चुनौती दी थी।

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MLA Cash Haul Case: Jharkhand High Court Holds Transfer Of FIR To Bengal Unwarranted
झारखंड हाईकोर्ट - फोटो : Social Media

विस्तार

झारखंड हाईकोर्ट ने नकदी बरामदगी मामले में आरोपी कांग्रेस के तीन निलंबित विधायकों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को शुक्रवार को पश्चिम बंगाल स्थानांतरित करना अनुचित माना। आरोपियों में इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन बिक्सल कोंगारी शामिल हैं। कांग्रेस विधायक कुमार जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह ने रांची के अरगोड़ा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि झारखंड में झामुमो के नेतृत्व वाली सरकार को गिराने के लिए तीन विधायकों ने उन्हें 10 करोड़ रुपये और मंत्री पद की पेशकश की थी। कांग्रेस झारखंड में झामुमो के नेतृत्व वाली गठबंधन की सरकार का हिस्सा है।

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हाईकोर्ट के पास मामले की सुनवाई करने का अधिकार क्षेत्र
हाईकोर्ट ने तीन विधायकों द्वारा दायर एक याचिका के संबंध में अपने आदेश में कहा कि झारखंड उच्च न्यायालय के पास मामले की सुनवाई करने का अधिकार क्षेत्र है और मामले को पश्चिम बंगाल स्थानांतरित करना अनुचित था। तीनों पर लगभग 49 लाख रुपये की नकदी को वैध बनाने का आरोप है। उन्हें पिछले साल 30 जुलाई को पश्चिम बंगाल के हावड़ा में नकदी के साथ एक गाड़ी से पकड़ा गया था।
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अरगोड़ा थाने में दर्ज हुई थी एफआईआर
अरगोड़ा थाने में कांग्रेस विधायक सिंह ने तीन विधायकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसे पश्चिम बंगाल स्थानांतरित कर दिया गया था। इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन बिक्सल कोंगारी ने मामले को चुनौती देते हुए झारखंड हाईकोर्ट का रुख किया था। इसके अलावा एक अन्य प्राथमिकी भी पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से दर्ज की गई थी, जिसने तीन विधायकों को नकदी के साथ पकड़ा था।
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विधायकों के वकील ने दी थी यह दलील
विधायकों की ओर से बहस करते हुए उनके वकील ने कहा था कि अगर प्राथमिकी रांची में दर्ज की गई थी, तो इसे पश्चिम बंगाल स्थानांतरित नहीं किया जाना चाहिए था। प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले महीने तीनों आरोपी विधायकों से पूछताछ की थी। उन्हें कांग्रेस पार्टी ने निलंबित भी किया है। जमानत पर बाहर विधायकों का दावा है कि उनके पास से मिले पैसे का इस्तेमाल झारखंड में एक आदिवासी त्योहार के लिए साड़ी खरीदने के लिए किया गया था।

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