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Jharkhand: गिरते जलस्तर से निपटने के लिए सोरेन सरकार उठा रही बड़े कदम, जल्द होगा भूजल बोर्ड का गठन

Mon, 20 Mar 2023 07:45 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Mon, 20 Mar 2023 07:45 PM IST
सार

प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक ने कहा कि रांची, धनबाद, रामगढ़ जिलों और राज्य के अन्य स्थानों में भूजल की स्थिति गंभीर है। उन्होंने राज्य सरकार से जानना चाहा कि क्या उसके पास गिरते भूजल स्तर के कारणों और इसे ठीक करने के लिए की जा रही कार्रवाई पर कोई विस्तृत रिपोर्ट है। इस सवाल के जवाब में राज्यमंत्री ठाकुर ने बताया कि सरकार इस दिशा में काम कर रही है।

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Jharkhand government to set up its groundwater board soon
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (फाइल) - फोटो : फेसबुक/ हेमंत सोरेन

विस्तार

झारखंड में सरकार भूजल स्तर में हो रही गिरावट को लेकर चिंता में है। इस बीच, जल संसाधन विभाग के राज्य मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने जल स्तर में हो रही गिरावट को रोंकने की दिशा में उठाए जाने वाले कदमों के बारे में विधानसभा में जानकारी दी है। उन्होंने सोमवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कहा कि सरकार इसे रोकने के लिए जल्द ही एक बोर्ड का गठन करेगी। ठाकुर ने कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव के एक सवाल के जवाब में यह बात कही। उन्होंने कहा कि इस समय देश के केवल 14 राज्यों में भूजल बोर्ड हैं। अब झारखंड में भी बोर्ड का एक मसौदा तैयार किया गया है। इतना ही नहीं, बोर्ड अगले साल तक राज्य भर में गिरते भूजल के स्तर पर काम भी करेगा।

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दरअसल, प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक ने कहा कि रांची, धनबाद, रामगढ़ जिलों और राज्य के अन्य स्थानों में भूजल की स्थिति गंभीर है। उन्होंने राज्य सरकार से जानना चाहा कि क्या उसके पास गिरते भूजल स्तर के कारणों और इसे ठीक करने के लिए की जा रही कार्रवाई पर कोई विस्तृत रिपोर्ट है। इस सवाल के जवाब में राज्यमंत्री ठाकुर ने बताया कि सरकार इस दिशा में काम कर रही है। राज्य में गहरे बोरवेल पर आधारित सिंचाई परियोजनाओं को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। साथ ही भूजल को बचाने के लिए जन अभियान चलाया जा रहा है। वर्षा जल संचयन प्रणाली की स्थापना में तेजी लाई जा रही है। विभिन्न सरकारी और निजी भवनों में 178 वर्षा जल संचयन परियोजनाएं चल रही हैं। 
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इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य में कोई भूजल बोर्ड नहीं है, ऐसे में सरकार सख्त कार्रवाई शुरू नहीं कर पा रही है। केंद्रीय भूजल बोर्ड के पास भी जुर्माना लगाने की कोई शक्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि झारखंड का भूजल बोर्ड जल्द ही स्थापित किया जाएगा। 
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भाजपा ने उठाया ये मुद्दा
इस दौरान भाजपा के मुख्य सचेतक बिरंची नारायण ने झारखंड या वनांचल के नाम पर एक अलग राज्य के लिए आंदोलनों में भाग लेने वालों की पहचान का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें भाग लेने वाले कई आंदोलनकारियों के नाम हैं। नारायण ने वनांचल के नाम पर अलग राज्य के लिए लड़ने वालों के लिए पहचान और सरकारी लाभ की मांग की। उन्होंने झारखंड से जेपी आंदोलन में भाग लेने वाले लोगों के लिए भी यही मांग की।


नारायण को जवाब देते हुए राज्य के संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने विधायकों को आश्वासन दिया कि अलग राज्यों के लिए आंदोलन में भाग लेने वाले लोगों की पहचान की जाएगी और आंदोलनों के नाम के बावजूद लाभ प्रदान किया जाएगा।

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