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गढ़वा: 100 मीटर ऊपर उड़ रहे छोटे से विमान को चीन का टोही विमान समझा, मालूम हुई सच्चाई

Fri, 01 Dec 2017 05:58 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला
टीम डिजिटल, अमर उजाला Updated Fri, 01 Dec 2017 05:58 PM IST
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jharkhand garhwa locals thought low flying mini aircraft as drone of enemy country
प्रतीकात्मक तस्वीर
झारखंड के गढ़वा जिले में एक छोटा विमान कई दिनों से आसमान के चक्कर लगा रहा था। जिले के मझिआंव शहर में यह जमीन से महज 100 मीटर ऊपर उड़ान भर रहा था। पिछले कई दिनों से विमान को रोज सर के उपर मंडराता देख ग्रामीणों के मन में कई तरह की आशंकाएं उठने लगीं। मसलन जासूसी करने के मकसद से भेजा गया कहीं ये दुश्मन देश का ड्रोन विमान तो नहीं। विमान गांव के लोगों की चर्चा का विषय बन गया था। 
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पुलिस को नहीं थी जानकारी
छोटा सा यह विमान दरअसल एक मिनी एयरक्राफ्ट था जिसे सबसे पहले बुधवार की शाम देखा गया। सफेद रंग के इस एयरक्राफ्ट में लाल रंग की पांच खिड़कियां थीं। उत्साह से लोग इसे देखने लगे और ये देखते ही देखते आंखों से ओझल हो गया। फिर क्या था विमान की चर्चा लोगों के जुबान पर थी। लोग विमान के बारे में तरह तरह की अफवाह उड़ाने लगे। कुछ लोगों ने इस बारे में पुलिस से संपर्क किया। पुलिस के पास भी इस बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं थी लिहाजा वो कुछ नहीं बता पाई। 
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जनवरी तक उड़ेगा विमान
झारखंड के गढ़वा जिले के गांव में बहुत चर्चित हो चुके इस विषय के बारे पुलिस ने गुरुवार को जिला प्रशासन ने आधिकारिक रूप से बयान दिया कि ये भारत सरकार का विमान है और किसी को डरने की जरूरत नहीं। प्रशासन ने बताया कि गढ़वा जिले के उपर मंडरा रहा मिनी एयरक्राफ्ट भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया) का विमान है। यह विमान भारत सरकार के निर्देश पर जमीन के अंदर मौजूद खनिज पदार्थों की खोज के लिए निकला है जो अगले साल जनवरी तक जारी रहेगा। 
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विमान की खासियत 
जिला खनन विभाग ने बताया है कि कई सालों पहले भी ऐसा सर्वेक्षण हुआ था। जिससे पता चला था कि इस इलाके में भारी मात्रा में कोयला समेत कई तरह के खनिज पदार्थ मिलने की संभावना है। इसलिए भारतीय वायुसेना का अति संवेदनशील एवं अत्याधुनिक तकनीक से लैस मिनी एयरक्राफ्ट रेडिएशन तकनीक से जमीन का सर्वे कर रहा है। यह मिनी एयरक्राफ्ट जमीन से सिर्फ 100 मीटर की ऊंचाई तक उड़ सकता है और लेजर तरंग के जरिए जमीन के अंदर खनिज पदार्थों का पता कर सकता है। जीएसआई बिहार, झारखंड और ओड़िशा में सर्वे कर रहा है। 


जिला प्रशासन की लापरवाही
सर्वे होनेवाले जिलों उपायुक्तों को इसकी लिखित सूचना भेजकर अपने जिले में जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया था। जिससे लोग किसी प्रकार के भ्रम के शिकार न हो। खनन विभाग को भी इसकी एक जानकारी भेजी गई थी। लेकिन जिला प्रशासन ने समय रहते लोगों को ये जानकारी नहीं दी। लोग इस एयरक्राफ्ट को चीन का टोही विमान तक समझ बैठे। प्रशासन की लापरवाही की वजह से लोगों के मन में एक अनजाना भय पैदा हुआ। 
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