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Jharkhand: पूर्व सीएम रघुबर दास बोले- रेत, पत्थर के संकट से विकास कार्य प्रभावित, पुलों का निर्माण ठप
Tue, 28 Jun 2022 03:25 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, जमशेदपुर
पीटीआई, जमशेदपुर
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 28 Jun 2022 03:25 AM IST
सार
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास ने दावा किया कि निर्माण सामग्री की कमी की स्थिति ने रियल एस्टेट क्षेत्र को प्रभावित किया है और लगभग 20 लाख मजदूरों को बेरोजगार कर दिया है।
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रघुबर दास
- फोटो : ANI
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विस्तार
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास ने सोमवार को सोरेन सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि झारखंड में रेत और पत्थर जैसी निर्माण सामग्री की कमी ने प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) सहित सरकारी परियोजनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है।
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भाजपा के वरिष्ठ नेता रघुबर दास ने कहा कि पीएमएवाई के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में घरों का निर्माण पहले की 1,400-1,500 इकाइयों से घटकर 500 यूनिट प्रतिदिन रह गया है। उन्होंने दावा किया कि इसी तरह मुख्यमंत्री ग्राम्य सेतु योजना (एमजीएसवाई) के तहत पुलियों और पुलों का निर्माण ठप हो गया है।
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निर्माण सामग्री का संकट झारखंड को पीछे की ओर धकेल रहा
राज्य में झामुमो के नेतृत्व वाली सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए रघुबर दास ने कहा कि निर्माण सामग्री का संकट झारखंड को पीछे की ओर धकेल रहा है। साथ ही आगे उन्होंने कहा कि झारखंड में वर्तमान सरकार न तो चल रही है और न ही रेंग रही है, यह गहरी नींद में है।
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रघुवर दास आरोप लगाया कि राज्य में रेत घाटों और पत्थर की खदानों की नीलामी 2020 से लंबित थी, जिससे संकट पैदा हो गया। हालांकि, रेत और पत्थर क अवैध रूप से बांग्लादेश ले जाया जा रहा है। राज्य की एजेंसियों ने हाल ही में अवैध खनन और खनिजों के परिवहन की जांच के लिए छापेमारी की थी।
20 लाख मजदूर बेरोजगार
उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने समय पर रेत घाटों और खदानों की नीलामी की होती, तो इस तरह के संकट से बचा जा सकता था। उन्होंने दावा किया कि इस स्थिति ने रियल एस्टेट क्षेत्र को भी प्रभावित किया है और लगभग 20 लाख मजदूरों को बेरोजगार कर दिया है।