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झारखंड के 'दशरथ मांझी': पहाड़ी काट बनाया रास्ता, 115 की जगह 55 किमी रह गई दूरी
Thu, 17 Dec 2020 04:58 PM IST
कुमार संभव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: कुमार संभव
Updated Thu, 17 Dec 2020 04:58 PM IST
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इस्लाम मियां और डोमन मियां
- फोटो : सोशल मीडिया
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अकेले दम पर पहाड़ काटकर रास्ता बनाने वाले बिहार के दशरथ मांझी अपने कारनामे के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। अब वैसा ही कारनामा झारखंड के दो लोगों ने कर दिखाया है। उन्होंने चकाई प्रखंड की दुर्गम मड़वा पहाड़ी को काटकर चार किलोमीटर का रास्ता बना दिया। इसके बाद मड़वा पहाड़ी से जमुई जिला मुख्यालय की दूरी महज 55 किलोमीटर रह गई, जो पहले 115 किमी थी। अब इन दोनों लोगों ने सरकार से पक्का रास्ता बनवाने की मांग की है।
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यह है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, झारखंड के भेलवाघाटी गांव में रहने वाले लोगों को जमुई जाने के लिए भेलवाघाटी से चकाई होते हुए जाना पड़ता था। इसके लिए उन्हें 115 किलोमीटर का सफर करना पड़ता था, जिसमें करीब 3-4 घंटे लग जाते थे। ऐसे में भेलवाघाटी में रहने वाले डोमन मियां और इस्लाम मियां ने अपने गांव समेत आसपास के 70 गांवों के लोगों के लिए पहाड़ काटने की तैयारी कर ली।
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दशरथ मांझी से ली प्रेरणा
इस्लाम मियां और डोमन मियां बताते हैं कि उन्होंने गया के दशरथ मांझी का किस्सा सुना था। उन्हें पता चला था कि दशरथ मांझी ने किस तरह अकेले दम पर वर्षों की मेहनत से पहाड़ को काटकर रास्ता बना दिया था। इन दोनों ने दशरथ मांझी से प्रेरणा ली और स्थानीय लोगों की परेशानी दूर करने का फैसला ले लिया। उन्होंने जंगल में पशु चराने के दौरान मड़वा पहाड़ी को काटकर रास्ता बनाना शुरू कर दिया।
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