झारखंड के सीएम का सवाल, शराब कारोबारियों को टैक्स छूट क्यों दे रही नीतीश सरकार?
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झारखंड के सीएम रघुवर दास ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चिट्ठी लिखी है। रघुवर दास ने उनसे से पूछा है कि एक तरफ आपकी सरकार ने राज्य में शराबबंदी लागू की है, वहीं दूसरी तरफ शराब उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कंपनियों को टैक्स हॉलीडे (टैक्स में रियायत) दी गयी है। बता दें कि 28 सितंबर को बिहार सरकार ने नई उद्योग नीति के तहत बिहार में शराब और बीयर की वॉटलिंग को 100 फीसदी ट्रैक्स फ्री करने का फैसला लिया था।
सीएम रघवुर दास ने कहा है कि बिहार सरकार के निर्णय से शराब कंपनियों को सालाना सात करोड़ रुपये की अतिरिक्त बचत होगी, जबकि इतने ही राजस्व का नुकसान बिहार सरकार को होगा। बिहार में उत्पादित शराब, जिसे राज्य से बाहर निर्यात तथा उसके बॉटलिंग करने के लिए कर विमुक्ति प्रदान की गयी है। इसे दूसरे राज्यों में बेची जायेगी। पड़ोसी होने के कारण झारखंड में भी सस्ती शराब की बिक्री बढ़ेगी।
शराबबंदी है तो उत्पादन को क्यों दे रहे बढ़ावा
रघुवर दास ने कहा है कि बिहार सरकार के दोनों निर्णयों में विरोधाभास है। दास ने नीतीश कुमार से कहा है कि जब आप दूसरे राज्यों में जाते हैं, तो वहां भी शराबबंदी करने की बात कहते हैं, वहीं अपने राज्य में सस्ती शराब का उत्पादन कर झारखंड समेत अन्य राज्यों में बाजार तलाशते हैं। ऐसे में इस मुद्दे पर पुनर्विचार कर समुचित निर्णय लें, जो मद्य निषेध की दिशा में कारगर हो सके।
इससे पहले, नीतीश कुमार, झारखंड के सीएम रघुवर दास पर शराबबंदी को लेकर कई बार हमला कर चुके हैं। एक बार नीतीश ने कहा था कि रघुवर दास को फोन पर शराबबंदी को लेकर मदद मांगी, तो उनका जवाब तक नहीं मिला। नीतीश ने बिहार के सीमावर्ती इलाकों में शराब की बिक्री पर रोक की मांग की थी।