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Jharkhand: अपराधियों को लेकर सख्त हुए सीएम सोरेन, कहा- अपराध नियंत्रण में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं
Fri, 16 Jun 2023 01:50 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Fri, 16 Jun 2023 01:50 AM IST
सार
सोरेन ने कहा कि अपराधों पर नकेल कसने के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
- फोटो : PTI
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विस्तार
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बृहस्पतिवार को अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में अपराध नियंत्रण में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान सीएम सोरेन ने अधिकारियों से हत्या, डकैती, जबरन वसूली, चोरी, साइबर अपराध, महिलाओं के खिलाफ हिंसा, एससी/एसटी उत्पीड़न, अपहरण, पॉक्सो एक्ट, बलात्कार जैसे विभिन्न आपराधिक अपराधों में दर्ज मामलों का विश्लेषण करने को कहा और अपराध के मुख्य कारण का पता लगाने पर चर्चा की।
अपराध नियंत्रण में कोताही बर्दाश्त नहीं
मीडियाकर्मियों से बात करते हुए सीएम ने कहा, समीक्षा बैठक में प्रदेश की कानून व्यवस्था और अपराध पर विस्तार से चर्चा की गई। इस संबंध में हर जिले की रिपोर्ट ली गई और आवश्यक निर्देश दिए गए। सरकार इस मामले में कोई गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं करेगी। सोरेन ने यह भी कहा कि अपराधों पर नकेल कसने के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार की प्राथमिकता राज्य के नागरिकों को बेहतर कानून व्यवस्था और सुरक्षा प्रदान करना है। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, झारखंड में इस साल 30 अप्रैल तक पिछले एक साल में विभिन्न अपराधों से संबंधित 20,446 मामले दर्ज किए गए हैं।
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सीएम ने अधिकारियों को असामाजिक तत्वों का डाटाबेस तैयार करने के निर्देश दिए ताकि किसी भी तरह के तनाव की स्थिति उत्पन्न होने पर असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण के लिए त्वरित कार्रवाई की जा सके। सोरेन ने पुलिस की प्रशंसा करते हुए कहा कि झारखंड पुलिस ने उग्रवाद से निपटने में देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई है। सोरेन ने पुलिस से कहा, राज्य में चरमपंथ का लगभग सफाया हो चुका है। अब आपको समाज को सुरक्षित रखने में वही जिम्मेदारी निभानी है। उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव सुखदेव सिंह के अलावा गृह विभाग की प्रमुख सचिव वंदना दादेल, डीजीपी अजय कुमार सिंह, सभी जिलों के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक मौजूद थे.
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बैठक के दौरान सीएम सोरेन ने अधिकारियों से हत्या, डकैती, जबरन वसूली, चोरी, साइबर अपराध, महिलाओं के खिलाफ हिंसा, एससी/एसटी उत्पीड़न, अपहरण, पॉक्सो एक्ट, बलात्कार जैसे विभिन्न आपराधिक अपराधों में दर्ज मामलों का विश्लेषण करने को कहा और अपराध के मुख्य कारण का पता लगाने पर चर्चा की।
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अपराध नियंत्रण में कोताही बर्दाश्त नहीं
मीडियाकर्मियों से बात करते हुए सीएम ने कहा, समीक्षा बैठक में प्रदेश की कानून व्यवस्था और अपराध पर विस्तार से चर्चा की गई। इस संबंध में हर जिले की रिपोर्ट ली गई और आवश्यक निर्देश दिए गए। सरकार इस मामले में कोई गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं करेगी। सोरेन ने यह भी कहा कि अपराधों पर नकेल कसने के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार की प्राथमिकता राज्य के नागरिकों को बेहतर कानून व्यवस्था और सुरक्षा प्रदान करना है। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, झारखंड में इस साल 30 अप्रैल तक पिछले एक साल में विभिन्न अपराधों से संबंधित 20,446 मामले दर्ज किए गए हैं।
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सीएम ने अधिकारियों को असामाजिक तत्वों का डाटाबेस तैयार करने के निर्देश दिए ताकि किसी भी तरह के तनाव की स्थिति उत्पन्न होने पर असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण के लिए त्वरित कार्रवाई की जा सके। सोरेन ने पुलिस की प्रशंसा करते हुए कहा कि झारखंड पुलिस ने उग्रवाद से निपटने में देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई है। सोरेन ने पुलिस से कहा, राज्य में चरमपंथ का लगभग सफाया हो चुका है। अब आपको समाज को सुरक्षित रखने में वही जिम्मेदारी निभानी है। उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव सुखदेव सिंह के अलावा गृह विभाग की प्रमुख सचिव वंदना दादेल, डीजीपी अजय कुमार सिंह, सभी जिलों के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक मौजूद थे.