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Jharkhand: सभी पुराने, जीर्ण-शीर्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भवनों का होगा कायाकल्प, कंडम घोषित भवन होंगे ध्वस्त
Tue, 06 May 2025 09:09 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: अरविंद कुमार
Updated Tue, 06 May 2025 09:09 PM IST
सार
Medical College and Hospital Building Rejuvenation: झारखंड के सभी पुराने और जीर्ण-शीर्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भवनों का कायाकल्प होगा। अपर मुख्य सचिव ने रिम्स समेत सभी मेडिकल कॉलेज और सिविल सर्जन को निर्देश दिए हैं।
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चिकित्सा महाविद्यालय रिम्स
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी रांची के प्रसिद्ध चिकित्सा महाविद्यालय रिम्स के साथ राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों के पुराने और जीर्ण भवनों का कायाकल्प होगा। कंडम घोषित भवन ध्वस्त होंगे और जिन भवनों में मरम्मती की जरूरत होगी, उनकी मरम्मती की जाएगी। अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने इस संबंध में रिम्स के साथ-साथ सभी मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों को तीन दिन में कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
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पत्र के माध्यम से अपर मुख्य सचिव ने रिम्स के साथ-साथ सभी मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों को निर्देश देते हुए कहा है कि जमशेदपुर जैसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं हो, इसके लिए भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता के साथ भवनों का निरीक्षण करें और जो भवन बिल्कुल क्षतिग्रस्त हैं और कंडम घोषित करने के सभी मानदंडों को पूरा करते हैं, उन्हें कंडम घोषित करते हुए ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाए। यदि क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मती की आवश्यकता हो तो उसकी मरम्मती की जाए। इसके लिए कार्यपालक अभियंता, भवन निर्माण विभाग से प्राक्कलन तैयार कराते हुए मरम्मति की कार्रवाई की जाय।
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क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मती विभिन्न योजनाओं, जैसे मुख्यमंत्री चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल प्रबंधन तथा अनुरक्षण योजना और विभिन्न स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत प्राप्त क्लेम की राशि से की जा सकती है। इस निमित्त यदि अतिरिक्त राशि की आवश्यकता हो तो विभाग से इसकी मांग की जाय। अपर मुख्य सचिव ने तीन दिनों के अंदर उक्त निर्देश का अनुपालन करते हुए विभाग को प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया है।
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