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Jharkhand: सत्ता संभालते ही सोरेन ने EC के फैसलों को पलटा, बदले गए अधिकारियों की वापसी; भजंत्री फिर बने डीसी

Fri, 29 Nov 2024 11:40 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: काव्या मिश्रा Updated Fri, 29 Nov 2024 11:40 AM IST
सार

मंजूनाथ भजंत्री को विधानसभा चुनाव के समय चुनाव आयोग ने हटाने का आदेश देते हुए सरकार को नए डीसी को नियुक्त करने के लिए कहा था। इसके बाद वरुण रंजन को रांची का डीसी बनाया गया था।

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IAS officer removed by Election Commision before polls reinstated as Ranchi deputy commissioner
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन - फोटो : पीटीआई

विस्तार

झारखंड में मुख्यमंत्री के रूप में फिर से पदभार संभालने के साथ ही हेमंत सोरेन ने बड़े बदलाव किए हैं। अनुराग गुप्ता को एक बार फिर झारखंड का प्रभारी डीजीपी बनाया गया है। इसके साथ साथ वह सीआईडी व एसीबी के डीजी का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। वहीं, राज्य के डीजीपी के पद पर पदस्थापित अजय कुमार सिंह को स्थांतरित करते हुए पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। इसके अलावा, मंजूनाथ भजंत्री को रांची जिला उपायुक्त (डीसी) बनाया गया है। अगले आदेश तक भजंत्री के पास उपायुक्त के साथ ही रांची के बंदोबस्त पदाधिकारी के अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। वहीं, वरुण रंजन को डीसी पद से हटाते हुए उन्हें जुडको का डायरेक्टर नियुक्त किया गया है।

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वरुण रंजन को सौंपा ये कार्यभार
बता दें कि मंजूनाथ भजंत्री को विधानसभा चुनाव के समय चुनाव आयोग ने हटाने का आदेश देते हुए सरकार को नए डीसी को नियुक्त करने के लिए कहा था। इसके बाद वरुण रंजन को रांची का डीसी बनाया गया था। रांची के डीसी रहे रंजन को झारखंड औद्योगिक आधारभूत संरचना विकास निगम का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। वह अगले आदेश तक खान आयुक्त के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे।
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गौरतलब है कि झारखंड विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने के ठीक पहले चुनाव आयोग के निर्देश पर मंजूनाथ भजंत्री को रांची डीसी के पद से हटा दिया गया था। 

अनुराग गुप्ता को मिली यह भी जिम्मेदारी
एसीबी डीजी के पद पर तैनात अनुराग गुप्ता को झारखंड डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। साथ ही, कुमार को झारखंड पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड के एमडी के पद पर तैनात किया गया है। 
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बीते साल अजय कुमार सिंह को बनाया गया था डीजीपी
बता दें कि बीते साल नीरज सिन्हा के सेवानिवृत्त होने के पश्चात 1989 बैच के आइपीएस अधिकारी अजय कुमार सिंह को बीते साल झारखंड का नया डीजीपी बनाया गया था। वह इससे पहले एसीबी का डीजी और झारखंड पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष का पदभार संभाल चुके हैं। इसके अलावा वह हजारीबाग, धनबाद समेत कई जिलों में बतौर एसपी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा वह बिहार के कई जिलों के एसपी रह चुके हैं।



अजीत पीटर डुंगडुंग देवघर के एसपी और मंजूनाथ रांची के डीसी
इसी तरह देवघर के एसपी रहे अजीत पीटर डुंगडुंग और रांची के डीसी रहे मंजूनाथ भजंत्री को भी चुनाव आयोग के आदेश पर उनके पदों से हटाया गया था। अब एक बार फिर इन दोनों अधिकारियों को वापस उन्हीं पदों पर तैनात किया गया है। इसके अलावा अंबर लकड़ा को जैप तीन कमांडेंट के पद पर तैनात किया गया है।

अविनाश कुमार होंगे सीएम के अपर मुख्य सचिव
एक अन्य महत्वपूर्ण आदेश के अनुसार, अविनाश कुमार को सीएम हेमंत सोरेन के अपर मुख्य सचिव का प्रभार दिया गया है। वह ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव, विकास आयुक्त, ऊर्जा विकास निगम के सीएमडी और झारखंड भवन के मुख्य स्थानिक आयुक्त के भी अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे।


अक्तूबर में हटाया गया था पद से
झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता हेमंत सोरेन के झारखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के कुछ घंटे बाद ही भजंत्री को फिर से मुख्यमंत्री पद पर लाने का फैसला किया गया। बता दें, 2011 बैच के आईएएस अधिकारी को हेमंत सोरेन सरकार द्वारा 20 और 23 नवंबर को दो चरणों में हुए चुनाव से पहले 30 सितंबर को रांची का डीसी नियुक्त किया गया था। भाजपा के कानूनी प्रकोष्ठ द्वारा मुख्य निर्वाचन अधिकारी को शिकायत किए जाने के बाद 15 अक्तूबर को उन्हें हटा दिया गया था और झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) में इसके सीईओ के रूप में स्थानांतरित कर दिया गया था।

क्या है मामला?
भजंत्री ने अपने कार्यकाल के दौरान आरोप लगाया था कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और आठ अन्य ने देवगढ़ हवाई अड्डे में एटीसी कक्ष में प्रवेश किया था और अगस्त 2022 में निर्धारित समय से परे अपनी चार्टर्ड उड़ान को उतरवाने के लिए जबरन मंजूरी ली थी। इसके बाद दोनों के बीच ट्विटर वॉर छिड़ गई थी। दुबे ने अधिकारी के खिलाफ एक प्राथमिकी भी दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि वह राजद्रोह में शामिल हैं और उसने सरकारी गोपनीयता अधिनियम का उल्लंघन किया है। हालांकि, झारखंड उच्च न्यायालय ने इस साल अगस्त में एफआईआर को रद्द कर दिया था।

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