छींकने से टूट जाती हैं इस लड़की की हड्डियां!
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क्या आपने कभी फ्रैक्चर का दर्द सहा है? जवाब होगा हां एक बार या शायद कभी नहीं।
लेकिन झारखंड की सिर्फ चार साल जैनब इकबार 31 बार इस दर्द को झेल चुकी है। जी हां महज 4 साल की जैनब इकबाल की हड्डियां 31 बार टूट चुकी हैं।
झारखंड में रहने वाली जैनब इकबाल एक ऐसी बच्ची है जिसके खांसने, छींकने, चलने या धक्का लगने पर उसकी हड्डियां टूट जाती हैं। यहां तक कि अगर कोई उसे अचानक गोद में उठा ले तो उसे इस बात से भी तकलीफ हो जाती है।
पिता को भी है यही समस्या
जैनब के पिता को भी यही समस्या है। 38 साल की उम्र तक जैनब के पिता 111 फ्रैक्चर्स को झेल चुके हैं। दरअसल यह एक बीमारी है जिसे ऑस्टियोजेनेसिस इम्परफेक्टा के नाम से जाना जाता है।
यह बीमारी एक करोड़ लोगों में से .1 प्रतिशत लोगों को होती है। खास बात यह है कि बीमारी से पीड़ित व्यक्ति आम लोगों की तरह जिंदगी बिताते हैं।
इस बीमारी के लक्षण बहुत जल्द दिखाई नहीं देते हैं। इस बीमारी में बोन टिश्यू(हड्डियों की ताकत) लगातार कम होती रहती है। इसलिए इस बीमरी में सुधार की गुंजाइश कम रहती है।
क्यों होती है ऐसी समस्या
डॉक्टरों के मुताबिक यह समस्या ज्यादातर जेनेटिक होती है। यदि खानदान में या पिता को ऐसी कोई बीमारी हो तो 85 प्रतिशत इस बात की आशंका होती है कि बच्चों को भी यह बीमारी हो जाए। 15 प्रतिशत मामलों में यह समस्या अपनेआप भी हो जाती है। शरीर में बोन मैरो का विकास कुदरती देन है ऐसा नहीं होने पर यह समस्या हो जाती है।
इस मामले में जैनब की मां के अनुसार उन्होंने भारत समेत अमेरिका तक के कई डॉक्टरों से संपर्क किया लेकिन इस बीमारी का कोई स्थाई इलाज नहीं मिल सका।