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हजारीबाग: ईवी फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर ठगी, पांच आरोपी गिरफ्तार; संदिग्ध दस्तावेज-इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद
Wed, 16 Sep 2026 03:52 PM IST
अमन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हजारीबाग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हजारीबाग
Published by: अमन तिवारी
Updated Wed, 16 Sep 2026 03:52 PM IST
सार
झारखंड के हजारीबाग में टाटा पावर ईवी चार्जिंग स्टेशन की फर्जी फ्रेंचाइजी के नाम पर कथित ठगी करने वाले पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास से 11 मोबाइल, लैपटॉप, फर्जी पहचान पत्र और संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए हैं।
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Crime demo
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
झारखंड पुलिस ने टाटा पावर ईवी चार्जिंग स्टेशन की फर्जी फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों को शहर के एक किराए के मकान से पकड़ा है। इनके पास से 11 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, फर्जी पहचान पत्र और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इस मामले में पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर विशेष कार्रवाई की गई।
फर्जी दस्तावेज से लोगों को जाल में फंसाते थे
पुलिस के अनुसार यह गिरोह लोगों को टाटा पावर ईवी चार्जिंग स्टेशन की फ्रेंचाइजी देने का लालच देता था। आरोपी फर्जी दस्तावेज तैयार करके लोगों को अपने जाल में फंसाते थे और उनसे सुरक्षा राशि के नाम पर मोटी रकम लेते थे। गिरोह के सदस्य किराए के मकान में रहकर इस फर्जीवाड़े का संचालन कर रहे थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अमरजीत कुमार, संजीव कुमार, संजू कुमार, प्रवीन कुमार और राजू कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने ठगी के इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया है।
छापेमारी में गिरोह का पर्दाफाश
सदर एसडीपीओ रूपक कुमार सिंह ने बताया कि 15 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक को हजारीबाग के बाबा पथ हुरहुरू इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया था कि कुछ लोग एक किराए के मकान से संदेहास्पद काम चला रहे हैं। इस जानकारी के बाद पुलिस ने त्वरित जांच शुरू की और छापेमारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस टीम ने बताए गए ठिकाने पर छापा मारा और मौके से पांचों आरोपियों को पकड़ लिया।
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एफआईआर दर्ज कर जांच तेज
पुलिस ने मौके से 11 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, फर्जी पहचान पत्र और संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए हैं। सदर (बड़ा बाजार) थाने में तहत अलग-अलग धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। कार्रवाई में सदर थाना और तकनीकी शाखा की टीम ने मुख्य भूमिका निभाई। पुलिस अब जब्त डिजिटल उपकरणों की विस्तृत जांच कर रही है ताकि गिरोह की बाकी गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
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फर्जी दस्तावेज से लोगों को जाल में फंसाते थे
पुलिस के अनुसार यह गिरोह लोगों को टाटा पावर ईवी चार्जिंग स्टेशन की फ्रेंचाइजी देने का लालच देता था। आरोपी फर्जी दस्तावेज तैयार करके लोगों को अपने जाल में फंसाते थे और उनसे सुरक्षा राशि के नाम पर मोटी रकम लेते थे। गिरोह के सदस्य किराए के मकान में रहकर इस फर्जीवाड़े का संचालन कर रहे थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अमरजीत कुमार, संजीव कुमार, संजू कुमार, प्रवीन कुमार और राजू कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने ठगी के इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया है।
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छापेमारी में गिरोह का पर्दाफाश
सदर एसडीपीओ रूपक कुमार सिंह ने बताया कि 15 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक को हजारीबाग के बाबा पथ हुरहुरू इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया था कि कुछ लोग एक किराए के मकान से संदेहास्पद काम चला रहे हैं। इस जानकारी के बाद पुलिस ने त्वरित जांच शुरू की और छापेमारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस टीम ने बताए गए ठिकाने पर छापा मारा और मौके से पांचों आरोपियों को पकड़ लिया।
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एफआईआर दर्ज कर जांच तेज
पुलिस ने मौके से 11 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, फर्जी पहचान पत्र और संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए हैं। सदर (बड़ा बाजार) थाने में तहत अलग-अलग धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। कार्रवाई में सदर थाना और तकनीकी शाखा की टीम ने मुख्य भूमिका निभाई। पुलिस अब जब्त डिजिटल उपकरणों की विस्तृत जांच कर रही है ताकि गिरोह की बाकी गतिविधियों का पता लगाया जा सके।