फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   eight out of 18 mla are facing charges of corruption

भ्रष्टाचार में फंसे 18 में से आठ विधायक

Fri, 22 Feb 2013 12:46 PM IST
देवघर/इंटरनेट डेस्क
देवघर/इंटरनेट डेस्क Updated Fri, 22 Feb 2013 12:46 PM IST
विज्ञापन
eight out of 18 mla are facing charges of corruption

झारखंड में संताल परगना विकास के मामले में भले ही आगे न हो लेकिन राजनीतिक भ्रष्टाचार के मामलों में सबसे आगे दिख रहा है। संताल परगना के 18 में से आठ विधायक भ्रष्टाचार या आपराधिक मामलों में फंसे हैं। इनमें से सात पर सीबीआई और एक विधायक पर निगरानी का फंदा है। इन आरोपी विधायकों में से कुछ काफी पुराने हैं और पार्टी में दबदबा रखते हैं।

विज्ञापन


इन विधायकों पर सरकार बचाने के लिये रिश्वत, वोट के बदले नोट, आय से अधिक संपत्ति और बीच घोटाले जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। विधायक नलिन सोरेन को छोड़कर अन्य सातों विधायकों के मामले की जांच सीबीआई कर रही है। इनमें से जरमुंडी विधायक हरिनारायण राय तो दो साल से अधिक जेल में रहे चुके हैं। इन आठ विधायकों में से झामुमो के तीन, राजद के दो, एक-एक कांग्रेस व भाजपा और एक निर्दलीय विधायक हैं।
विज्ञापन


जिन विधायकों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं उनमें झामुमो विधायक साइमन मरांडी (लिट्टीपाड़ा) पर नरसिंह राव की सरकार को बचाने के लिए रिश्वत लेने का आरोप व राज्यसभा चुनाव 2010 में पैसे लेकर वोट देने का आरोप। दोनों मामलों की जांच सीबीआई कर रही है। वहीं झामुमो विधायक सीता सोरेन (जामा) पर 2012 के चुनाव में रिश्वत लेकर वोट देने का आरोप और अपने पीए के अपहरण का आरोप है। झामुमो विधायक नलिन सोरेन (शिकारीपाड़ा) झारखंड में व्यापक पैमाने पर बीज घोटाले में आरोपी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसी तरह निर्दलीय विधायक हरिनारायण राय (जरमुंडी) आय से अधिक संपत्ति के मामले में आरोपित चल रहे हैं और बेल पर हैं। भाजपा के अरुण मंडल (राजमहल), राजद के संजय प्रसाद यादव (गोड्डा) व सुरेश पासवान (देवघर) 2012 के राज्यसभा चुनाव में वोट के बदले नोट लेने के आरोप में घिरे हैं। मामला सीबीआई के पास है। कांग्रेस के राजेश रंजन (महगामा) 2010 में रिश्वत लेकर राज्य सभा चुनाव में वोट देने का आरोप है।


नलिन सोरेन की गिरफ्तारी के लिए भी निगरानी ने छापेमारी की, लेकिन वे फरार हो गये हैं। इसी तरह सीता सोरेन की गिरफ्तारी का आदेश भी दे दिया गया है। किसी भी दिन ये पकड़ में आ सकते हैं। जबकि 2010 व 2012 के राज्यसभा चुनाव में वोट के बदले नोट लेने के मामले में सीबीआई जांच चल रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed