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झारखंड: डीजेएन ज्वेलर्स की 11 संपत्तियों का ईडी ने लिया कब्जा, मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट में कार्रवाई
Thu, 23 Sep 2021 08:28 PM IST
सुरेंद्र जोशी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Thu, 23 Sep 2021 08:28 PM IST
सार
झारखंड में चिटफंड स्कीम के जरिए निवेशकों से पैसा ऐंठने वाली इस कंपनी की जब्त संपत्तियों का मूल्य एक करोड़ रुपये बताया गया है।
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ईडी की कार्रवाई
- फोटो : ANI
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विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को बताया कि उसने झारखंड की डीजेएन ज्वेलर्स की 11 संपत्तियों को 2019 में जब्त किया था। अब इनका कब्जा भी ले लिया है। इन 11 संपत्तियों का मूल्य 1.01 करोड़ रुपये बताया गया है। चिटफंड स्कीम के जरिए निवेशकों से धन ऐंठकर इन संपत्तियों को खरीदा गया था। इसलिए मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत यह कार्रवाई की गई है।
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2019 के ईडी के अस्थाई जब्ती आदेश को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत एक सक्षम प्राधिकारी ने हाल ही में मंजूरी दी है। ये संपत्तियां डीजेएन ज्वेलर्स व उसके सीएमडी जीतेंद्र मोहन सिन्हा, विपिन कुमार सिन्हा, राम किशन ठाकुर, विशाल कुमार सिन्हा व अन्य के नाम थीं। इन्हें चिटफंड घोटाले से संबंधित केस के चलते जब्त कर कब्जे में लिया गया है।
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जब्त संपत्तियों में फ्लैट, दुकानें, भूखंड शामिल हैं। ये राजधानी रांची के अलावा लातेहर व गढ़वा जिलों में हैं। डीजेएन कमोडिटीज एमसीएक्स मुंबई में पंजीकृत थी। इसका मालिक विशाल कुमार सिन्हा है। उसने अन्य आरोपियों व निदेशकों के साथ मिलकर निवेशकों के साथ धोखाधड़ी की। डीजेएन कमोडिटीज के नाम से ऑफलाइन ट्रेडिंग के लिए सॉफ्टवेयर बना लिया। ईडी का आरोप है कि कंपनी ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर निवेशकों से ऑफलाइन पैसा जमा करती थी। उन्हें हर माह मोटा ब्याज देने का लालच दिया जाता था।
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ईडी का कहना है कि आरोपियों ने निर्दोष निवेशकों व जमाकर्ताओं को ज्वेलरी दुकान पर आवर्ति जमा योजना का झांसा दिया और उनकी लाखों की गाढ़ी कमाई ऐंठ ली।